डिजिटल होती दुनिया में उत्तर प्रदेश अब सिर्फ पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स का ग्लोबल हब बनकर उभरा है। वर्तमान में भारत में बनने वाले कुल मोबाइल फोन में से 55% से अधिक का निर्माण अकेले यूपी में हो रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
- Published: 18 Sep 2026, 12:07 PM IST
- Last Updated: 18 Sep 2026, 12:07 PM IST
उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और विशाल तकनीकी कार्यबल की बदौलत राज्य देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बन गया है। गौतमबुद्ध नगर में विकसित दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों के साथ-साथ प्रदेशभर में सैमसंग, एलजी, डिक्सन, हैयर और एडवर्ब जैसी 200 से अधिक बड़ी कंपनियां उत्पादन कर रही हैं।
₹43,000 करोड़ का निवेश और 3 लाख नौकरियां
इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्तर प्रदेश ने एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है। इस क्षेत्र ने अब तक ₹43,000 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित किया है, जिससे प्रदेश के 3 लाख से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके अलावा, 'यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी' के तहत भी ₹3,800 करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर में यूपी की बड़ी छलांग
मोबाइल निर्माण में बादशाहत कायम करने के बाद राज्य अब चिप निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है:
- सेमीकंडक्टर प्लांट: केंद्र के 'सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम 2.0' के तहत यमुना एक्सप्रेसवे (YIDA) के सेक्टर-28 में इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ₹3,700 करोड़ की लागत से सेमीकंडक्टर ATMP प्लांट लगाया जा रहा है।
- सेमीकंडक्टर पार्क: यीडा क्षेत्र में ही 1,000 एकड़ का विशाल सेमीकंडक्टर पार्क विकसित हो रहा है।
- रोबोटिक्स एंड एआई पार्क: ग्रेटर नोएडा में 75 एकड़ में रोबोटिक्स और एआई कंप्यूटिंग पार्क स्थापित किया जा रहा है।
मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल नेटवर्क
जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क इस औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं। राज्य में आईटी सेक्टर में ₹7,000 करोड़ और डेटा सेंटर के क्षेत्र में ₹21,000 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ है। लखनऊ में 100 एकड़ में फैली एचसीएल आईटी सिटी और प्रदेश के 7 एसटीपीआई (STPI) आईटी पार्क इस डिजिटल इकोसिस्टम को रफ्तार दे रहे हैं।
24 हजार से अधिक स्टार्टअप्स और युवा टैलेंट की ताकत
उत्तर प्रदेश के 760 से अधिक तकनीकी संस्थानों से हर साल 4 लाख से अधिक स्किल्ड इंजीनियर और पेशेवर तैयार हो रहे हैं। आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू जैसे अग्रणी संस्थान नवाचार का आधार तैयार कर रहे हैं। इसी हुनरमंद कार्यबल के दम पर प्रदेश में 24,000 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं और यूपी डीपीआईआईटी (DPIIT) रैंकिंग में 'टॉप परफॉर्मर' बना हुआ है।