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सलमान खान की Maatrubhumi का बदला क्लाइमैक्स, सेंसर बोर्ड स्क्रीनिंग से पहले किए बदलाव
सलमान खान की फिल्म मातृभूमि में एक बार फिर बड़े बदलाव किए गए हैं। क्लाइमेक्स और सलमान के किरदार का सफर दोनों को दोबारा लिखा गया है। मेकर्स शांति का संदेश और मजबूत करना चाहते हैं। सेंसर बोर्ड की स्क्रीनिंग इस हफ्ते होने वाली है।
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फिल्म में क्या नया बदलाव हुआ
मातृभूमि मे वॉर रेस्ट इन पीस के मेकर्स ने एंडिंग को पूरी तरह से दोबारा तैयार किया है। निर्देशक अपूर्व लाखिया और राइटिंग टीम ने सलमान के कैरेक्टर आर्क में भी बदलाव किए हैं। पहले जैसी आम वॉर ड्रामा वाली एंडिंग की जगह अब सुलह और शांति पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स इस बात को लेकर काफी सावधान हैं कि भारत-चीन संघर्ष को कैसे दिखाया जाए। बदली हुई एंडिंग फिल्म के नए टोन से मेल खाती है।
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सेंसर बोर्ड से पहले की तैयारियां
फिल्म को पिछले हफ्ते सूचना और प्रसारण मंत्रालय से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिल चुका है। उसके बाद इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पास जमा कर दिया गया है। इस हफ्ते स्क्रीनिंग होने की उम्मीद है। अगर सेंसर बोर्ड जल्दी फैसला ले लेता है तो रिलीज डेट को लेकर भी कुछ साफ हो सकता है। प्रोडक्शन टीम से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
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गलवान से मातृभूमि तक का सफर
शुरुआत में फिल्म का नाम बैटल ऑफ गलवान था। कहानी दो हजार बीस के गलवान वैली संघर्ष पर आधारित थी। सलमान खान को कर्नल बिकुमल्ला संतोष बाबू का किरदार निभाना था। लेकिन भारत-चीन संबंधों में आए बदलावों के बाद पूरी कहानी, टाइटल और ट्रीटमेंट में भारी बदलाव हुए। कई सीन दोबारा शूट किए गए। नया नाम मातृभूमि मे वॉर रेस्ट इन पीस रखा गया। इससे साफ हो गया कि फिल्म सिर्फ लड़ाई नहीं बल्कि इंसानियत और शांति की बात करेगी।
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मातृभूमि से शांति का संदेश
मेकर्स शुरू से ही यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि फिल्म युद्ध को महिमामंडित न करे। सलमान खान भी ऐसी कहानियों से दूर रहते आए हैं जो सिर्फ झगड़े को बढ़ावा दें। बाजरंगी भाईजान जैसी फिल्मों में उन्होंने हमेशा एकता और करुणा का संदेश दिया है। मातृभूमि में भी वही भावना बरकरार रखने की कोशिश की गई है। संघर्ष के बावजूद इंसानियत बची रहे, यही फिल्म का मूल स्वर है।
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सेंसर बोर्ड के सामने होगी स्क्रीनिंग
फिल्म में कई बार बदलाव हो चुके हैं। हर बार मेकर्स ने कहानी को और संवेदनशील बनाने की कोशिश की है। अब सेंसर बोर्ड की स्क्रीनिंग के बाद पता चलेगा कि फिल्म को कितना प्रमाणपत्र मिलता है और रिलीज कब होती है। फैन्स इंतजार कर रहे हैं कि सलमान खान की यह फिल्म आखिरकार स्क्रीन पर कब आएगी और शांति का संदेश कितना असरदार तरीके से पहुंचेगा।