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Lucknow Gen Alpha Protest: लखनऊ की सड़कों पर क्यों उतरे जेन-अल्फा छात्र? चक्का जाम!फंसे CM योगी के मंत्री-IAS

August 14, 2026

Time Published: Friday, August 14, 2026, 20:31 [IST]

Lucknow Gen Alpha Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर Gen Z युवाओं के प्रदर्शन के बाद अब लखनऊ में जेन अल्फा की आवाज बुलंद होती नजर आ रही है। 14 अगस्त को यूपी की राजधानी के पारा इलाके में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। बुद्धेश्वर चौराहे से आगरा एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले व्यस्त मार्ग का चक्का जाम कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र स्कूल ड्रेस में सड़क पर बैठे और नारेबाजी की, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

प्रदर्शन के दौरान समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण का काफिला भी जाम में फंस गया। मंत्री गाड़ी से उतरकर सीधे छात्रों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। उनके साथ समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव भी मौजूद रहे। बातचीत के बाद छात्रों को विद्यालय परिसर ले जाया गया, जहां उनकी शिकायतों पर विस्तार से चर्चा हुई। आइए समझते हैं कि छात्रों ने क्यों किया ऐसा प्रोटेस्ट ?

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करीब 450 छात्रों पर सिर्फ 7 शिक्षक होने का आरोप

छात्रों की सबसे बड़ी शिकायत विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर थी। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में करीब 450 विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों ने बताया कि फिलहाल करीब सात शिक्षक ही पढ़ाई की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित होने का दावा छात्रों ने किया। छात्रों का कहना था कि उन्होंने इस समस्या को पहले भी विद्यालय प्रशासन के सामने उठाया था, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें सड़क पर उतरकर अपनी बात रखने का फैसला करना पड़ा।

शिक्षकों की कमी को लेकर मंत्री असीम अरुण ने भी माना कि छात्रों को इससे परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार की ओर से मामले में प्रभावी पैरवी कर जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा।

सिर्फ शिक्षक नहीं, खाने और सफाई को लेकर भी नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे छात्रों की शिकायतें केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं थीं। छात्रों ने विद्यालय में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और दूसरी व्यवस्थाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। छात्रों ने यह आरोप भी लगाया कि इन समस्याओं की जानकारी विद्यालय स्तर पर पहले दी गई, लेकिन उनकी शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने विद्यालय के स्वास्थ्य संबंधी इंतजामों को लेकर भी सवाल उठाए।

पुलिस समझाती रही, लेकिन सड़क से नहीं हटे छात्र

छात्रों के सड़क पर बैठने की सूचना मिलते ही पारा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों को समझाने और यातायात सामान्य कराने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर कायम रहे। बुद्धेश्वर पेट्रोल पंप के सामने बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के सड़क पर आने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। यह मार्ग आगरा एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण रास्तों में शामिल है। ऐसे में छात्रों के प्रदर्शन के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान कन्नौज की ओर जा रहे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण का काफिला भी जाम में फंस गया। आमतौर पर ऐसी स्थिति में पुलिस और प्रशासन पहले यातायात हटाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहां मंत्री खुद गाड़ी से उतरकर छात्रों के बीच पहुंचे।

मंत्री ने छात्रों से किया सीधा संवाद

असीम अरुण ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से उनकी समस्याएं पूछीं। छात्रों ने एक-एक करके अपनी शिकायतें बताईं। मंत्री ने शिक्षकों की कमी, भोजन, सफाई और दूसरी व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों की बातें सुनीं। इसके बाद मंत्री छात्रों को अपने साथ विद्यालय परिसर लेकर पहुंचे। वहां भी विद्यार्थियों से बातचीत की गई और संबंधित अधिकारियों से विद्यालय की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली गई। मंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मंत्री के आश्वासन के बाद छात्रों ने सड़क से हटकर प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके साथ ही प्रभावित मार्ग पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।

क्या यह सच में 'Gen Alpha Protest' है?

इस घटना को कई रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में 'Gen Alpha Protest' कहा जा रहा है। इसकी वजह यह है कि प्रदर्शन करने वाले छात्र अपेक्षाकृत कम उम्र के हैं और मौजूदा पीढ़ीगत वर्गीकरण में उन्हें Gen Alpha से जोड़ा जाता है।

सर्वोदय विद्यालयों को बेहतर बनाने पर सरकार का जोर

यह घटना ऐसे समय सामने आई है , जब उत्तर प्रदेश सरकार सर्वोदय विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर करने की बात कह रही है। जुलाई 2026 में समाज कल्याण विभाग और बोर्डिंग स्कूल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बीच हुए समझौते के तहत प्रदेश के 112 सर्वोदय विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक और छात्रावास प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की योजना बताई गई थी। इसके तहत शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों की व्यवस्थाओं से परिचित कराने और एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने की बात कही गई थी।

यही वजह है कि पारा के सर्वोदय विद्यालय से सामने आई छात्रों की शिकायतें सरकार के लिए भी अहम हैं। एक तरफ विद्यालयों को बेहतर बनाने की योजनाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ किसी विद्यालय के बच्चे अगर शिक्षकों और बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर सड़क पर उतरते हैं, तो यह जमीनी स्तर पर सुधार की जरूरत की ओर संकेत करता है।