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LAC पर हो सकती है सीधी बात, पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात; BRICS में आज क्या होगा

September 11, 2026

ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत बिजनेस फोरम की बैठक के साथ शुक्रवार को हो चुकी है। आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसमें एलएसी के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकतीहै। 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे। इस दौरान भारत और चीन में द्विपक्षीय वार्ता होगी। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान सीमा पर शांति बहाली को लेकर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय हो सकते हैं, जिसमें एलएसी से सैनिकों की संख्या घटाने पर भी सहमत हो सकते हैं।

बातचीत से विवादों को सुलझाना जरूरी

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि ईरान-अमेरिका संघर्ष और यूक्रेन-रूस युद्ध का समाधान बातचीत के जरिये तलाशा जाना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों को संवाद और वार्ता के माध्यम से विवादों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। निंग ने कहा कि चीन शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने वार्ता और कूटनीति पर जोर दिया।

पूर्व में दोनों देशों ने परस्पर संबंधों की मजबूती के लिए एलएसी पर शांति कायम रखने पर सहमति प्रकट की है। इसके अलावा चीन के साथ दुर्लभ खनिजों, निवेश, आवागमन आदि क्षेत्रों में भी सहयोग और समझौते की संभावना है। भारत चाहता है कि चीन भारत में निवेश बढ़ाए। कुछ समय पूर्व भारत ने इसे लेकर पूर्व में किए गए प्रावधानों में ढील भी दी है।

ब्रिक्स में आज के कार्यक्रम

● ब्रिक्स सम्मेलन शनिवार दोपहर 2:35 बजे बंद कमरे में सत्र के साथ शुरू होगा।

● सभी नेता शाम 5:05 बजे, भारत मंडपम के लॉन में सामूहिक तस्वीर खिंचवाएंगे। उसके बाद पौधारोपण करेंगे।

● प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 7:30 बजे रात्रिभोज देंगे।

आपको बता दें कि दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को बिजनेस फोरम की बैठक हुई। इसमें भारत सहित अन्य सदस्य देशों ने निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार की बाधाओं को दूर करने की बात कही। वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भरोसेमंद कारोबारी संबंध और आर्थिक साझेदारी पर बल दिया। मोदी ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में व्यापार से जुड़ी बाधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन ब्रिक्स के जरिये हम इन बाधाओं को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दुनियाभर में नौवहन (समुद्री मार्गों, पोतों का आवागमन)की स्वतंत्रता, नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए। ब्रिक्स में भी यही प्रयास है कि व्यापार की बाधाएं कम हों, ताकि कारोबार के लिए मौके बढ़ सकें। इसे ध्यान में रखते हुए भारत की अध्यक्षता में कृषि, स्वास्थ्य, कौशल तथा स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क का गठन किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, स्टार्टअप को बाजार और वित्त से जोड़ने के लिए ब्रिक्स इन्क्युबेटर नेटवर्क, ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहल शुरू की हैं। इससे ब्रिक्स देशों के बीच निवेश और प्रतिभा का आदान-प्रदान बढ़ेगा।

पुतिन बोले, ब्रिक्स विकास का नया इंजन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए ब्रिक्स की आर्थिक ताकत को दुनिया के विकास का नया इंजन बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत व्यापारिक रिश्ते ही अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की रीढ़ हैं। ब्रिक्स देशों में कारोबार, आर्थिक साझेदारी और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़े और स्थायी बदलाव हो रहे हैं। आर्थिक विकास के पुराने केंद्रों की जगह नए आर्थिक केंद्र तेजी से उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुराने आर्थिक केंद्रों के पास मजबूत बुनियादी ढांचा, तकनीकी क्षमता, वैज्ञानिक संस्थान हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता।

पेजेश्कियान से पश्चिम एशिया पर चर्चा

पीएम मोदी ने फोरम की बैठक के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से भेंट की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति के अलावा द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की।

संयुक्त बयान पर संशय

मोदी की पेजेश्कियान से मुलाकात को अहम इसलिए माना जा रहा है क्योंकि भारत ब्रिक्स मंच से संयुक्त बयान जारी करने के लिए सहमति बनाने का प्रयास कर रहा है। ईरान के मुद्दे पर गतिरोध की आशंका है। ईरान चाहता है कि ब्रिक्स उसपर हुए अमेरिकी हमलों की निंदा करे। भारत की तरफ से इस मुद्दे पर सुलझी हुई भाषा का इस्तेमाल कर सहमति बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।