Updated: Sunday, August 16, 2026, 15:44 [IST]
Kamlesh Rai Criminal Case: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार (16 अगस्त 2026) सुबह 9:30 बजे पिस्तौल से गोली चलने की घटना ने सनसनी मचा दी। इस घटना में एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच का काम कर रहे दो कर्मचारी घायल हो गए। बताया गया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की मुंबई जाने वाली फ्लाइट (IX-1810) के यात्री कमलेश राय की लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चली।
दरअसल, हुआ कुछ यूं कि सुरक्षा जांच के दौरान कमलेश ने खुद अधिकारियों को बताया कि उसके पास हथियार है। तभी AAI-CIASL के दो सिक्योरिटी स्क्रीनिंग कर्मचारियों ने पिस्तौल की जांच शुरू की। इसी दौरान अचानक लोडेड पिस्तौल से गोली चली। घटना में एक महिला और एक पुरुष कर्मचारी घायल हो गए।
कमलेश राय के तार मुंबई की राजनीति से भी जुड़े रहे हैं। साथ ही शिवसेना के शिंदे गुट के पूर्व पार्षद रह चुके हैं। वर्तमान में बेटा 2026 के बीएमसी चुनाव में छोटा बेटा रितेश कमलेश राय वार्ड 86 से शिवसेना का पार्षद चुना गया है। इतना ही नहीं, 2025 में मुंबई के अंधेरी इलाके में एक कथित रंगदारी केस में गिरफ्तार भी हो चुके हैं। आइए विस्तार से जानते हैं सबकुछ...
Varanasi Airport पर कैसे चली गोली?
16 अगस्त 2026 की सुबह 9:30 बजे के करीब वाराणसी एयरपोर्ट पर मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से यात्रा करने के दौरान हथियार की जांच की जा रही थी। इसी दौरान कमलेश राय की पिस्तौल से गोली चल गई। घटना में सुरक्षा जांच से जुड़े दो कर्मचारी घायल हुए हैं। गोली चलने के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा अधिकारियों और पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभाला। पूरे मामले की जांच की जा रही है कि हथियार की जांच के दौरान पिस्तौल से गोली किन परिस्थितियों में चली। आजमगढ़ पुलिस ने भी मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Kamlesh Rai Family Arms Licence: परिवार में 7 आर्म्स लाइसेंस होने का दावा
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कमलेश राय के परिवार के तीन सदस्यों के नाम कुल 7 हथियार लाइसेंस बताए जा रहे हैं। इनमें कमलेश राय के नाम तीन, उनके बेटे रितेश राय के नाम तीन और उनके भाई शैलेश राय के नाम एक लाइसेंस बताया गया है। हालांकि, इन सात लाइसेंसों का आधिकारिक रिकॉर्ड या वर्तमान वैधता सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय स्रोत से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है। इसलिए इसे स्थानीय जानकारी दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। कमलेश राय के बेटे रितेश राय 2026 के बीएमसी चुनाव में वह वार्ड 86 से शिवसेना के पार्षद चुने गए।
अगस्त का महीना कमलेश के लिए घातक, 2025 में रंगदारी मामले में हुई थी गिरफ्तारी
कमलेश राय का नाम अगस्त 2025 में मुंबई के एक कथित रंगदारी मामले में सामने आया था। MIDC पुलिस ने उन्हें अंधेरी इलाके में एक बिल्डर से कथित तौर पर रंगदारी की रकम लेते हुए पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, निर्माण परियोजना से जुड़े व्यक्ति से पहले 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। बातचीत के बाद कथित तौर पर रकम 35 लाख रुपये तय हुई। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता पहले ही 8 लाख रुपये दे चुका था और बाद में 5 लाख रुपये की दूसरी किस्त देने के दौरान पुलिस ने जाल बिछाकर कमलेश राय को पकड़ लिया। इस मामले में उनके खिलाफ MIDC पुलिस स्टेशन में रंगदारी का मामला दर्ज किया गया था और आगे की जांच शुरू की गई थी।
इतना ही नहीं, 7 अगस्त 2012 को सहार पुलिस ने एक दंगा मामले में पूर्व पार्षद कमलेश राय को गिरफ्तार किया था। उन्हें उसी दिन अंधेरी महानगर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया और जमानत पर रिहा कर दिया गया।
स्टिंग वीडियो में क्या दावा किया गया था?
2025 की घटना के बाद कमलेश राय से जुड़ा एक कथित स्टिंग वीडियो भी सामने आया था। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में वीडियो के आधार पर उनके द्वारा महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सीधे संपर्क का दावा किए जाने का जिक्र किया गया। आपको बता दें कि, मार्च 2023 में शिवसेना के शिंदे गुट में कमलेश राय ने एंट्री की थी। इससे पहले उद्धव गुट के साथ रहे।
FIR की कॉपी यहां देखें...
आजमगढ़ से भी जुड़ा है परिवार
कमलेश राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जीयनपुर क्षेत्र से बताए जाते हैं, जबकि उनका राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव मुंबई के अंधेरी-मरोल इलाके में रहा है। यही वजह है कि वाराणसी एयरपोर्ट पर हुई घटना के बाद आजमगढ़ से लेकर मुंबई तक उनके राजनीतिक और पारिवारिक संबंधों की चर्चा हो रही है। मुंबई में उनके परिवार की राजनीतिक सक्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि रितेश राय के साथ उनकी मां सुषमा राय का नाम भी स्थानीय राजनीतिक-सामाजिक गतिविधियों में सामने आता रहा है।