
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेनImage Credit source: TV9
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और भर्ती परीक्षाओं पर छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान आया है. उन्होंने एक्स पर किए पोस्ट में कहा कि छात्रों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है. छात्रों की भागीदारी के बिना संवाद अधूरा है. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं को सुना है और उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा. साथ कुछ मुद्दों पर उनसे सुझाव भी मांगें.
मुख्यमंत्री सोरेन ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को संयम और जिम्मेदारी के साथ संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस कर्मियों का धन्यवाद किया. सोरेन ने कहा कि सरकार का मकसद परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, टेक्नोलॉजी पर आधारित, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है. उन्होंने छात्रों से यह भी अपील की कि वे अपने शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित करने की राजनीतिक कोशिशों का शिकार न बनें. समस्या के समाधान के लिए बातचीत और भरोसे पर जोर देते हुए, उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.
जवाबदेही के लिए नई नियमावली तैयार
सोरेन ने कहा कि सभी जानते हैं कि वर्षों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आयोग और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को अपेक्षित मजबूती नहीं मिल सकी. हमारी सरकार ने समस्याओं से मुंह मोड़ने के बजाय उन्हें स्वीकार किया और एक-एक कर सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू किए. राज्य गठन के बाद पहली बार हमारी सरकार ने JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई नियमावली तैयार की.
सख्त कानूनी व्यवस्था होगी लागू
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर कठोर रोक लगाने के उद्देश्य से सख्त कानूनी व्यवस्था भी लागू की गईं. यह कानून झारखंड के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए बनाया गया. उस समय इस पर अनेक प्रकार की आलोचनाएं भी हुईं, लेकिन हमारा विश्वास था और आज भी है कि ईमानदार विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं.
हेमंत सोरेन ने मांगे सुझाव
मुख्यमंत्री ने अपने एक्स पोस्ट में आगे कहा, मैं झारखंड के प्रत्येक जिले, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थान और प्रत्येक छात्र-छात्राओं से आग्रह करता हूँ कि खुलकर अपने सुझाव दीजिए –
- परीक्षा प्रणाली में क्या-क्या कमी दिखाई देती है, हमें बताइए.
- यदि आपके पास कोई बेहतर व्यवस्था का सुझाव है, उसे साझा कीजिए.
- यदि आपने किसी समस्या का सामना किया है, उसका अनुभव लिखिए.
- यदि आपके पास कोई नया समाधान है, उसे हमारे साथ साझा कीजिए.
- प्रत्येक सुझाव का अध्ययन कर कराया जाएगा लागू
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके प्रत्येक सुझाव का अध्ययन किया जाएगा. विशेषज्ञों द्वारा उनका परीक्षण किया जाएगा और जहां भी संभव होगा, उन्हें नियमों एवं संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप तय समय सीमा के अन्दर लागू करने का प्रयास किया जाएगा. क्योंकि यह केवल परीक्षा सुधार का विषय नहीं है.
छात्रों की बात…..छात्रों के साथ
झारखंड के मेरे सभी युवा साथियों,
जोहार! मेरा हमेशा से यह विश्वास रहा है कि संवाद से ही सुधार आते हैं और संवाद आपकी भागीदारी के बिना अधूरा है।
झारखंड के लाखों युवाओं के सपने हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। जब कोई छात्र वर्षों तक मेहनत करता है, pic.twitter.com/SZToVQ91g1
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 9, 2026
यह झारखंड के युवाओं के विश्वास का, लाखों परिवारों के सपनों का, राज्य के भविष्य का विषय है. मैं आप सभी युवा साथियों से आग्रह करता हूँ कि इस जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बनें और अपने सुझाव नीचे दिए गए पोर्टल पर अवश्य दर्ज करें—
samvad.jharkhand.gov.in
आइए, हम सब मिलकर ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाएं जिस पर हर छात्र गर्व कर सके और भरोसा कर सके.

अशोक कुमार
अशोक कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 वर्षों से अधिक का अनुभव है. राजनीति, क्राइम और ऑफबीट खबरों में दिलचस्पी रखने के कारण इन क्षेत्रों की खबरों पर बेहतरीन पकड़ है. नई जगहों को एक्सप्लोर करने के साथ पढ़ने-लिखने का शौक रखते हैं. झारखंड की स्थानीय न्यूज़ चैनल में विभिन्न पदों पर काम करने के साथ-साथ, इन्होंने एपीएन न्यूज़ में बतौर ब्यूरो चीफ के रूप में भी काम किया है. अशोक कुमार ने झारखंड में पिछले 7 वर्षों के दौरान हुई छोटी-बड़ी राजनीतिक हलचलों को रिपोर्ट किया है. वर्तमान में वो टीवी9 डिजिटल से जुड़े हैं.
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