जिले के तिसाई गांव में कुएं में गंभीर घायल अवस्था में मिली विवाहिता की उपचार के दौरान हुई मौत के बहुचर्चित मामले की जांच अब वैज्ञानिक स्तर पर तेज कर दी गई है। बुधवार को कोटा एफएसएल की विशेषज्ञ टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। टीम ने महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य जुटाए और डमी की मदद से क्राइम सीन रीक्रिएशन कर पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार मध्य प्रदेश के फतेहगढ़ गांव निवासी 19 वर्षीय तारा कुंवर का विवाह डग क्षेत्र के तिसाई गांव में हुआ था। 16 जुलाई को वह गांव के एक कुएं में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थी। परिजन उसे तत्काल डग अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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घटना के बाद मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने डग थाने के बाहर एंबुलेंस में शव रखकर निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। सूचना मिलने पर एसपी अमित कुमार मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
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मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा के निर्देशन में गंगधार पुलिस उपाधीक्षक हेमंत गौतम कर रहे हैं। जांच की प्रभावी मॉनिटरिंग और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया गया है। वहीं मृतका के शव का इंदौर में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, ताकि मृत्यु के कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा सके।
जांच को वैज्ञानिक आधार देने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक के अनुरोध पर कोटा एफएसएल की टीम तिसाई गांव पहुंची। विशेषज्ञों ने कुएं और उसके आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। डमी की सहायता से पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया गया, ताकि यह समझा जा सके कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और उपलब्ध भौतिक साक्ष्य घटनास्थल से किस प्रकार मेल खाते हैं। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई। साथ ही घटनास्थल से मिले विभिन्न साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित कर जांच के लिए संग्रहित किया गया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 20 जुलाई को झालावाड़ एफएसएल की टीम भी तिसाई गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटा चुकी है। अब कोटा एफएसएल की विस्तृत वैज्ञानिक जांच से मामले के तथ्यों को और मजबूती मिलने तथा जांच को निर्णायक दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।