जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला मीडिया को टीचर भर्ती मामले में बयान देते हुए बोले, सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे।
हरियाणा में टीचर भर्ती घोटाला मामले में सजा काट चुकें जजपा सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता की आईएएस बहन ने पहचानने में ही 10 साल लगा दिए और इसी बात पर सजा काटी हैं। कांग्रेस ने राजनीतिक षडयंत्र के तहत ये कृत्य कि
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जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला ने मीडिया को दिए बयान में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हाईकोर्ट ने निर्णय किया है। आपसे पूछना चाहूंगा कि मैं ना हरियाणा सरकार में था। न कहीं कमेटी का मेंबर था, जो डीईओ-बीईओ की उस कमेटियां बनी हुई थी, जिन्होंने वे टीचर लगाए, भर्ती किए या सरकार ने किए होंगे। अजय चौटाला ने मीडिया से कहा, मेरा क्या रोल था, मुझे सिर्फ एक आईएएस अधिकारी, जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की बहन थी, रजनी शेखरी सिब्बल प्रिंसिपल थी।
उसने एक बयान दिया था कि एक मीटिंग में भाई साहब नामक आदमी भी आए थे। उसने 10 साल के बाद पहचान किया कि वो भाई साहब अजय सिंह चौटाला थे। सिर्फ इसी बात पर मुझे 10 साल की सजा और 120बी में दी, वो सजा काटकर आया हूं। अब उसको मैं सुप्रीम कोर्ट तक लड़ूंगा। जिन लोगों ने ये कृत्य किया, उनको सजा दिलवाने का काम करूंगा।

जजपा सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला मीडिया को बयान देते हुए
सिब्बल ने निभाई अहम भूमिका
साल 2000 में हरियाणा के प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पद पर रहते हुए, इन्होंने जेबीटी (JBT) शिक्षक भर्ती घोटाले को उजागर करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। इन्होंने राजनीतिक दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया था और मूल योग्य उम्मीदवारों की सूची वाली अलमारी को सील कर दिया था। इसी मामले में बाद में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और अन्य को सजा हुई थी।
नाम में 'सिब्बल' सरनेम होने के कारण अक्सर लोग इनका संबंध कांग्रेस के पूर्व कद्दावर नेता और प्रसिद्ध वकील कपिल सिब्बल से जोड़कर देखते हैं।

सजा पूरी, पाबंदियां हटी और अगला चुनाव लड़ने की तैयारी
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा में टीचर भर्ती घोटाले के दोषी और इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अजय सिंह चौटाला को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंतरिम राहत के तौर पर जमानत मांगी थी। निचली कोर्ट ने पिता, पुत्र सहित पांच लोगों को टीचरों की भर्ती में गड़बड़ी का दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई थी, जो पूरी हो गई।
अब चुनाव लड़ने से भी पाबंदियां हट गई है और अजय चौटाला ने भी अगला चुनाव खुद लड़ने की तैयारी में हैं, परंतु अभी सीट तय का ऐलान नहीं किया है।