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Jamui news: जमुई बदसलूकी मामला: तेज प्रताप यादव की दो टूक, न्याय न मिलने पर भूख हड़ताल की चेतावनी - Haribhoomi

September 22, 2026

जमुई में नाबालिगों के साथ हुई अभद्रता के वीडियो पर तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए आंदोलन का ऐलान किया है।

Tej Pratap Yadav on Jamui minor harassment case

जमुई में नाबालिगों के साथ हुई अभद्रता के वीडियो पर तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

  • Published: 22 Sep 2026, 09:04 AM IST
  • Last Updated: 22 Sep 2026, 09:04 AM IST

Tej Pratap Yadav: बिहार के जमुई जिले से सामने आए सनसनीखेज वीडियो के बाद सूबे की राजनीति में उबाल आ गया है। एक नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ रास्ते में हुई कथित अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए सीधे तौर पर सत्तासीनों को कटघरे में खड़ा किया है। उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर प्रहार और नाराजगी
घटना की निंदा करते हुए तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि दो युवाओं का आपसी मेलजोल या साथ बाहर निकलना पूरी तरह से उनका व्यक्तिगत विषय है। इसमें किसी भी तरह की दखलअंदाजी और सार्वजनिक रूप से की गई बदसलूकी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रदेश में आम नागरिकों, विशेषकर युवतियों और महिलाओं की सुरक्षा के दावों की पोल खुलते हुए दिखने की बात कही है।

तेज प्रताप यादव ने दिया अल्टीमेटम
सरकार पर दबाव बनाते हुए तेज प्रताप ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर मुखिया और प्रशासनिक अमले की तरफ से इस गंभीर मामले में संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने ऐलान किया है कि दोषियों पर नकेल कसने तक उनकी पार्टी राज्यभर में उग्र आंदोलन के साथ-साथ भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।

खाकी की कार्यप्रणाली पर संदेह
केवल प्रशासनिक नीतियों पर ही नहीं, बल्कि पुलिस की तफ्तीश पर भी नेता ने तीखे सवाल दागे हैं। उनका तर्क है कि पुलिस असली मुजरिमों को बचाने के लिए किसी बेकसूर को बलि का बकरा बना सकती है। महज खानापूर्ति के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक संलिप्त चेहरे बेनकाब होकर कानून की गिरफ्त में आने चाहिए।

घटनाक्रम और प्रशासनिक कदम
यह शर्मनाक घटना 19 सितंबर की संध्या बेला की है, जब स्कूटी पर सवार दो नाबालिगों को कुछ लोगों ने जबरन रोक लिया था। अगले दिन यानी 20 सितंबर को जब इसका वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, तब जाकर महकमे की नींद टूटी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस सिलसिले में अब तक सात उपद्रवियों की शिनाख्त हो चुकी है और तीन को पकड़ा भी जा चुका है। मामले की गहन पड़ताल के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) काम कर रहा है, साथ ही नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी नकेल कसी जा रही है।