
सुधाकर सिंह, कुंदन कृष्णन और ओम बिरला Image Credit source: TV9
बिहार के एक IPS अधिकारी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह को मानहानि का नोटिस भेजा है. इसके जवाब में, सांसद ने सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र का स्क्रीनशॉट अपने फेसबुक पेज पर साझा किया.
इससे पहले, उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के महानिदेशक कुंदन कृष्णन द्वारा भेजा गया नोटिस राज्य सरकार की मंजूरी से भेजा गया है. इसी तरह यह पूरा मामला सामने आया.
IPS अधिकारी कृष्णन की ओर से एक लॉ फर्म के जरिए भेजे गए इस नोटिस में, RJD सांसद से उस अधिकारी के खिलाफ की गई टिप्पणियों के लिए माफी मांगने को कहा गया है, खास तौर पर, जून में एक सम्मेलन के दौरान और पिछले महीने एक समाचार पोर्टल को दिए गए साक्षात्कार में टिप्पणियों के लिए की गई.
5 करोड़ रुपये के के हर्जाने की मांग
PTI के मुताबिक, नोटिस में कहा गया है कि अगर राजद सांसद निर्धारित समयसीमा के भीतर माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर 5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की जाएगी. जिसके बाद राजद सांसद और बिहार के पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि वह इस बात की जांच कराने का निर्देश दें कि कहीं यह नोटिस संसद सदस्य के रूप में उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने का प्रयास तो नहीं है.
निजी विधि फर्म पर जताया शक
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, अगर ऐसा पाया जाता है, तो कार्रवाई के लिए मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि नोटिस का एक अन्य गंभीर पहलू यह है कि उसकी भाषा और अवधि से ऐसा प्रतीत होता है कि निजी विधि फर्म ने प्रदेश सरकार के वकील की भूमिका निभाई है.
लोकसभा अध्यक्ष गंभीरता को समझेंगे
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, संविधान के अनुसार, प्रदेश सरकार की ओर से केवल महाधिवक्ता या राज्य द्वारा नियुक्त अन्य विधि अधिकारी ही ऐसा कर सकते हैं. इस संबंध में लोकसभा सचिवालय को बिहार सरकार से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए. उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि संसद की गरिमा और उसके सदस्यों की स्वतंत्रता के संरक्षक के रूप में लोकसभा अध्यक्ष इस मामले की गंभीरता को समझेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे.

मोहम्मद जुनेद अख्तर
मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.
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