भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के एक PhD स्कॉलर मनीष आनंद की शनिवार (3 अक्टूबर) को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई. मनीष को 18 अगस्त को दक्षिण दिल्ली के मुनिरका गांव स्थित एक किराए के मकान में बेहोशी और घायल अवस्था में पाया गया था. पुलिस ने उसे तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनका 45 दिनों से अधिक समय तक इलाज चला. इस बीच पुलिस ने उसकी मौत के मामले में FIR दर्ज कर ली है.
पुलिस ने रविवार (4 अक्टूबर) को बताया कि IIT-दिल्ली के 40 साल के PhD छात्र की मौत के मामले में FIR दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक किशनगढ़ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मामला किसी एक व्यक्ति या व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है या नहीं.
एम्स में चल रहा था इलाज
हालांकि मनीष आनंद की मौत का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले से संकेत मिलता है कि उसने कथित तौर पर अपने किराए के आवास पर आत्महत्या का प्रयास किया और एम्स में इलाज के दौरान चोटों के कारण उसकी मौत हो गई.
BNS की धारा 108 के तहत केस दर्ज
पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) के सिक्योरिटी ऑफिसर की शिकायत के बाद, 4 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की गई.
बेहोश और घायल हालत में मिला था छात्र
मनीष आनंद 18 अगस्त को मुनिरका गांव में अपने किराए के घर के अंदर बेहोश और घायल हालत में मिला था.घर का दरवाजा अंदर से बंद था और पड़ोसियों ने उसे तोड़कर खोला. इसके बाद पुलिस उसे तुरंत AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले गई. पुलिस के मुताबिक, वह 45 दिनों से ज़्यादा समय तक मेडिकल देखरेख में रहा और 3 अक्टूबर को अस्पताल में चोटों की वजह से उसकी मौत हो गई.
कैंपस के अंदर नहीं हुई घटना
पुलिस ने साफ़ किया कि यह घटना IIT-दिल्ली कैंपस के अंदर नहीं हुई थी. पुलिस ने बताया कि जांच-पड़ताल के दौरान परिवार के सदस्यों या गवाहों में से किसी ने भी किसी व्यक्ति पर कोई शक या आरोप नहीं लगाया. पुलिस के मुताबिक, घटना के समय मनीष आनंद घर पर अकेला था. इस बात की पुष्टि परिसर के बाहर लगे CCTV कैमरे की फुटेज से भी होती है. अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी.

पुनीत कुमार शर्मा
स्पेशल कॉरेसपॉंडेंट ( क्राइम ) और लेखक। 11 साल से बदस्तूर जारी पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में आजतक से बतौर क्राइम रिपोर्टर। 2015 से दिल्ली आजतक में एंकर की ज़िम्मेदारी भी निभाई। 11 साल लगातार आजतक में रिपोर्टिंग करने के बाद फिलहाल स्पेशल कॉरेसपॉंडेंट के तौर पर टी वी9 भारतवर्ष में सफ़र जारी। इसके अलावा " अनचाही रिपोर्टिंग, अनचाहा " सफ़र नाम की किताब लिखी.
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