झारखंड के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) रांची कैंपस में एक छात्र की मौत के मामले में शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान लिया है. घटना की परिस्थितिथि और इससे जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच करने के लिए मंत्रालय की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. यह कमेटी छात्र कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं, संस्थान में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए बने सिस्टम की समीक्षा करेगी.
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IIIT Ranchi में छात्र की मौत के मामले में शिक्षा मंत्रालय करेगी जांच.
झारखंड के IIIT रांची में एक छात्र की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी की अध्यक्षता वाली यह कमेटी घटना की परिस्थितियों, छात्रों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं, काउंसलिंग और शिकायत निवारण व्यवस्था की जांच करेगी. मंत्रालय ने संस्थान के सुचारु संचालन के लिए अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था करने की भी बात कही है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर करेंगी कमेटी की अध्यक्षता
शिक्षा मंत्रालय की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता की जिम्मेदारी दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी करेंगी. कमेटी में एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को सदस्य बनाया गया है. मंत्रालय के मुताबिक, कमेटी को छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करने और संस्थान में लागू दिशानिर्देशों के पालन का आकलन करने की जिम्मेदारी दी गई है.
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बुनियादी सुविधाओं से लेकर काउंसलिंग व्यवस्था तक की होगी जांच
कमेटी खास तौर पर यह देखेगी कि संस्थान में छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं और वे ठीक से काम कर रही हैं या नहीं. इसके साथ ही संस्थान में छात्रों को मिलने वाली सहायता, काउंसलिंग और मेंटरिंग की व्यवस्था की भी समीक्षा भी की जाएगी. जांच के दायरे में छात्रों की शिकायतों के निपटारे के लिए मौजूद व्यवस्था भी शामिल होगी. कमेटी संस्थान की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की प्रणालीगत कमी की पहचान करेगी और उन्हें दूर करने के लिए जरूरी सुझाव देगी. इसका उद्देश्य छात्रों के कल्याण को मजबूत करना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को होने से रोकना है.
संबंधित लोगों से बात करेगी कमेटी
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, कमेटी जांच के दौरान संबंधित पक्षों से बातचीत करेगी. जरूरत पड़ने पर वह संस्थान के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच करेगी, ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों और संस्थान की व्यवस्थाओं का विस्तृत आकलन किया जा सके. इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा है कि संस्थान के सुचारु और प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उचित अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं. इन व्यवस्थाओं में छात्रों के हितों और उनके कल्याण को ध्यान में रखा जाएगा.
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