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राहुल गांधी की इंदौर में सभा... IDA ने कांग्रेस से वसूल लिए 14.11 लाख रुपये; BJP ने दिया नियमों का हवाला

September 18, 2026

मध्य प्रदेश के इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित होने वाले कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से ठीक पहले सियासी और प्रशासनिक खींचतान तेज हो गई है. कांग्रेस पार्टी ने इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी (IDA) के पास जमीन की अस्थायी लीज के लिए 4.03 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि जमा कराई है. इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल के लिए दी गई कुल लीज राशि अब बढ़कर 14.11 लाख रुपये हो गई है.

दरअसल, पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि कांग्रेस परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए तय समय सीमा से पहले ही जमीन का इस्तेमाल कर रही है.

राज्य सरकार के अधीन आने वाली इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे को पत्र जारी किया. 17 से 19 सितंबर तक 12000 वर्ग मीटर जमीन लीज पर आवंटित की गई थी, लेकिन निरीक्षण में पाया गया कि पार्टी 14 सितंबर से ही 4800 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर उपयोग कर रही थी. इसके बदले IDA ने 3 दिन का अतिरिक्त शुल्क मांगा.

राकेश सिंह यादव ने साफ किया कि "यह किसी राजनीतिक कार्यक्रम का विरोध नहीं, बल्कि सरकारी जमीन के उपयोग के लिए तय राजस्व की वसूली का नियमबद्ध मामला है."

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कांग्रेस ने जताया विरोध, लगाया दबाव का आरोप

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने IDA की इस मांग पर कड़ा एतराज जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन निष्पक्ष काम करने के बजाय पूरी तरह से सत्तारूढ़ बीजेपी नेताओं के इशारे और राजनीतिक दबाव में निर्णय ले रहा है.

नेहरू स्टेडियम की अनुमति न मिलने पर बदला गया स्थान

गौरतलब है कि कांग्रेस पहले यह कार्यक्रम 12 सितंबर को शहर के ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित करना चाहती थी. हालांकि, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पुराने आदेश का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था. कोर्ट के आदेशानुसार स्टेडियम का उपयोग केवल खेलकूद और राज्यस्तरीय सरकारी कार्यक्रमों के लिए ही हो सकता है.

इसके बाद कांग्रेस ने कार्यक्रम की तिथि बढ़ाकर 19 सितंबर की और रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA की जमीन के लिए आवेदन किया.

क्या है 'छात्रों की गूंज' अभियान?

'छात्रों की गूंज' कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया देशव्यापी छात्र संवाद अभियान है. इसका मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक, महंगी होती शिक्षा, सरकारी भर्तियों में धांधली व देरी समेत बढ़ती बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर केंद्र व राज्य की बीजेपी सरकार को घेरना है.

बता दें कि इंदौर से पहले राहुल गांधी के नेतृत्व में कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में इसके चार सफल संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं.

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