समस्तीपुर पुलिस लाइन में तैनात एक महिला सिपाही की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद साथी पुलिसकर्मियों में आक्रोश फैल गया। हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मृतका की पहचान रोहतास जिले के मलहीपुर नि
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साथी पुलिसकर्मियों का कहना है कि मालती कुमारी को पेट दर्द की शिकायत के बाद गुरुवार रात करीब 3:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद इमरजेंसी के डॉक्टर ने उन्हें आईसीयू में भर्ती करने के लिए रेफर किया। आईसीयू में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कर्मचारी। वहां एसी भी बंद था।

पति और बच्चों के साथ महिला सिपाही मालती कुमारी। फाइल तस्वीर।
'पेट दर्द से नहीं, लापरवाही से गई जान'
अस्पताल पहुंची सिपाही प्रियंका ने बताया कि हंगामे के बाद में इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर संतोष कुमार आईसीयू पहुंचे और उनका इलाज शुरू किया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। लापरवाही से उनकी जान चली गई। सिर्फ पेट दर्द से किसी की मौत नहीं हो सकती है। पूरे मामले की जांच कर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सदर अस्पताल में जुटी पुलिसकर्मियों की भीड़
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी सदर अस्पताल परिसर में जुट गए। आक्रोशित पुलिसकर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों से जवाब मांगा। मामले की जानकारी मिलने पर प्रभारी सदर डीएसपी दुर्गेश दीपक, मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी भी सदर अस्पताल पहुंचे।

मौत के बाद अस्पताल में साथी पुलिसकर्मियों का हंगामा।
दो छोटे बच्चों और बुजुर्ग मां के साथ रहती थीं
मालती कुमारी समस्तीपुर में अपने दो छोटे बच्चों और बुजुर्ग मां के साथ रहती थी। उनके पति खेती-बारी का काम करते हैं, इसलिए वह गांव में रहते हैं। परिजन को मामले की सूचना दे गई है।
'डॉक्टर ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया'
उधर, ऑन ड्यूटी डॉक्टर संतोष कुमार ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत पर सिपाही को भर्ती कराया गया था। उनका इलाज किया गया था, बाद में इमरजेंसी में भेजा गया था। जब मुझे जानकारी मिली कि इमरजेंसी में ऑन ड्यूटी डॉक्टर नहीं हैं तो मैं खुद वहां पहुंचा। उन्हें यथासंभव बचाने का प्रयास किया गया।

सिपाही प्रियंका ने कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही से ही मालती की मौत हुई है।