world-news

ICC अभियोजक करीम ख़ान पद से बर्ख़ास्त

July 25, 2026

ICC अभियोजक करीम ख़ान पद से बर्ख़ास्त

25 जुलाई 2026 क़ानून और अपराध रोकथाम

अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के सदस्य देशों ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक आपात बैठक के दौरान यौन दुर्व्यवहार के आरोपों से जुड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही के बाद, अभियोजक करीम ख़ान को पद से हटा दिया.

125 सदस्यीय सदस्य देशों की सभा ने बन्द कमरे में हुए मतदान के दौरान साधारण बहुमत से यह निर्णय लिया. सदस्य देशों ने करीम ख़ान को वर्ष 2021 में नौ वर्ष के कार्यकाल के लिए न्यायालय का अभियोजक चुना था.

सभा के अध्यक्ष ने घोषणा की, “सभा के 82 सदस्य देशों ने बहुमत से यह निर्णय लिया है कि अभियोजक करीम ख़ान का आचरण गम्भीर रूप से अनुचित था और उन्होंने अपने कर्तव्यों का गम्भीर उल्लंघन किया…इसलिए उन्हें पद से हटा दिया जाए.”

उन्होंने इस मामले से जुड़े सभी लोगों की गरिमा और निजता का सम्मान किए जाने की अपील की.

संयुक्त राष्ट्र के साथ सहयोग समझौते के तहत काम करने वाले अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने हाल के वर्षों में कई प्रमुख हस्तियों के विरुद्ध गिरफ़्तारी वॉरंट जारी किए हैं. इनमें वर्ष 2023 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और वर्ष 2024 में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के विरुद्ध जारी वॉरंट भी शामिल हैं.

ICC की सदस्य देशों की सभा जल्द ही नए अभियोजक का चुनाव करेगी.

फ़ैसले और सीमाएँ

वर्ष 2002 में ऐतिहासिक रोम संविधि के तहत स्थापित अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने दुनिया के सबसे गम्भीर अपराधों पर न्यायिक कार्रवाई के लिए अन्तरराष्ट्रीय मानक तय किए हैं. न्यायालय अब तक सात मामलों में दोषसिद्धि कर चुका है और वर्तमान में उसके समक्ष 34 मामले हैं.

न्यायालय स्वयं किसी को गिरफ़्तार नहीं कर सकता. इसके लिए उसे देशों, विशेष रूप से अपने 125 सदस्य देशों के सहयोग की आवश्यकता होती है.

सभी देश ICC के सदस्य नहीं हैं. इनमें इसराइल और अमेरिका भी शामिल हैं, जिन्होंने वर्ष 2000 में रोम संविधि पर हस्ताक्षर किए थे, मगर अब तक उसका अनुमोदन नहीं किया है.

वर्ष 2025 में वॉशिंगटन ने इसराइल और अमेरिका के विरुद्ध कथित युद्ध अपराधों की जाँच के सिलसिले में ICC के नौ अधिकारियों पर प्रतिबन्ध लगाए थे. इनमें न्यायाधीश, अभियोजक और उप-अभियोजक शामिल थे.

आरोपों की समयरेखा

करीम ख़ान के विरुद्ध अनुचित आचरण के आरोप वर्ष 2024 में सामने आए थे.

  • नवम्बर 2024 में ICC ने संयुक्त राष्ट्र के आन्तरिक निगरानी सेवा कार्यालय (OIOS) से बाहरी जाँच कराने का अनुरोध किया.
  • मई 2025 में करीम ख़ान ने OIOS की जाँच पूरी होने तक अवकाश पर जाने की घोषणा की. इस दौरान ICC के उप-अभियोजकों ने अभियोजक कार्यालय का नेतृत्व सम्भाला.
  • मार्च 2026 में सदस्य देशों की सभा को न्यायिक विशेषज्ञों के एक पैनल के निष्कर्ष प्राप्त हुए.
  • जून में ICC की सदस्य देशों की सभा के ब्यूरो ने OIOS की रिपोर्ट, उससे जुड़े साक्ष्यों, न्यायिक विशेषज्ञों की सलाह और लिखित प्रस्तुतियों के आधार पर मामले का आकलन किया.
  • 8 जून की बैठक में ब्यूरो ने विशेष बहुमत से मामला सदस्य देशों की सभा के सामने रखने का निर्णय लिया. साथ ही, अन्तिम फ़ैसला होने तक अभियोजक को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया और इस मुद्दे पर विचार के लिए एक विशेष सत्र बुलाने का फ़ैसला किया गया.

ICC क्या है?

अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) युद्ध अपराधों और मानवता के विरुद्ध अपराधों जैसे गम्भीर अपराधों के लिए व्यक्तियों की जाँच कर सकता है और उनके विरुद्ध मुक़दमा चला सकता है.

इसकी स्थापना उन “लाखों बच्चों, महिलाओं और पुरुषों” को ध्यान में रखकर की गई थी, जो “ऐसे अकल्पनीय अत्याचारों का शिकार हुए हैं, जिन्होंने मानवता की अन्तरात्मा को गहराई से झकझोर दिया है.”

ICC दुनिया का पहला स्थाई और सन्धि-आधारित अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय है. यह मानवता के विरुद्ध अपराधों, युद्ध अपराधों, जनसंहार व आक्रामकता के अपराध के लिए ज़िम्मेदार लोगों की जाँच करता है और उन पर मुक़दमा चलाता है.

ICC राष्ट्रीय अदालतों का स्थान नहीं लेता, बल्कि अन्तिम विकल्प के रूप में हस्तक्षेप करता है. सबसे गम्भीर अपराधों की जाँच करना, दोषियों पर मुक़दमा चलाना और उन्हें दंडित करना मुख्य रूप से देशों की ज़िम्मेदारी है.

ICC के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.

♦ समाचार अपडेट रोज़ाना सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिये यहाँ किसी विषय को सब्सक्राइब करें

♦ अपनी मोबाइल डिवाइस में यूएन समाचार का ऐप डाउनलोड करें – आईफ़ोन iOS या एण्ड्रॉयड