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शिर्डी साईं बाबा और ट्रस्ट के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट का मामला, HC ने GAC को दिया 7 दिन का समय

August 11, 2026

Aug 11, 2026 11:59 pm ISTएएनआई, नई दिल्ली

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ट्रस्ट की ओर से अदालत को बताया गया कि आपत्तिजनक कंटेंट के URL और अन्य विवरण कंपनी को देने के बाद भी उसकी तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। बाद में ट्रस्ट ने केंद्र और शिकायत अपीलीय समिति से संपर्क किया, और कंटेंट के यूट्यूब पर उपलब्ध होने की जानकारी दी।

शिर्डी के साईं बाबा और ट्रस्ट के खिलाफ अपमानजनक कंटेंट का मामला, HC ने GAC को 7 दिन का समय दिया

साईं बाबा और ट्रस्ट के खिलाफ अपमानजनक कंटेंट का मामला, HC ने GAC को 7 दिन का समय दिया

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को GAC (शिकायत अपीलीय समिति) को शिर्डी के श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट की उस अपील पर फैसला करने के लिए सात दिन का समय दिया है, जिसमें श्री साईं बाबा और ट्रस्ट के खिलाफ झूठे, मानहानिपूर्ण, भड़काऊ और अपमानजनक आरोप लगाने वाले यूट्यूब वीडियो और अन्य ऑनलाइन कंटेंट पर आपत्ति जताई गई थी। मामले की गंभीरता को इसी बात से समझा जा सकता है कि सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने खास तौर पर कहा कि वह अपने आदेश में वीडियो के कंटेंट को न तो दोहराएगा और न ही उनका जिक्र करेगा, क्योंकि ऐसा करने से समुदाय के सदस्यों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।

दरअसल ट्रस्ट ने दावा किया है कि वीडियो की निरंतर उपलब्धता साईं बाबा के भक्तों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है और संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत उनके अधिकारों को प्रभावित करती है। याचिका में अदालत से उन कम्युनिकेशन को भी रद्द करने की मांग की गई है, जिनके ज़रिए Google LLC/YouTube ने वीडियो हटाने के ट्रस्ट के अनुरोधों को ठुकरा दिया था।

गूगल ने ट्रस्ट के वीडियो हटाने के अनुरोध को ठुकराया

दिल्ली उच्च न्यायालय का यह आदेश 17, 18, 19, 24 और 26 जुलाई, 2026 को गूगल/यूट्यूब द्वारा ट्रस्ट को दिए गए जवाब के खिलाफ ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका पर आया। इन जवाबों के माध्यम से गूगल ने कुछ वीडियो हटाने के ट्रस्ट के अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया था। ट्रस्ट ने कोर्ट को बताया कि वीडियो में साईं बाबा के खिलाफ झूठे, मानहानिपूर्ण, भड़काऊ और अपमानजनक आरोप लगाए गए हैं और ट्रस्ट के खिलाफ भी कई आरोप लगाए गए थे।

जस्टिस स्वर्णकांता की बेंच के सामने हुई सुनवाई

मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने GAC को निर्देश दिया कि वह मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट की अपील पर विचार करे और सात दिनों के भीतर तर्कपूर्ण आदेश जारी करे। कोर्ट ने फैसले के बारे में ट्रस्ट को सूचित करने का निर्देश भी दिया। साथ ही हाई कोर्ट ने 19 अगस्त, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से पहले उसके सामने अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश भी दिया।

ट्रस्ट बोला- बार-बार बताने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

याचिका के अनुसार, ट्रस्ट ने पहले सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत गूगल LLC/यूट्यूब से शिकायत की थी। जिसमें ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि कथित आपत्तिजनक कंटेंट के URL और अन्य विवरण कंपनी को देने के बाद भी उसकी तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। बाद में ट्रस्ट ने केंद्र और शिकायत अपीलीय समिति से संपर्क किया, और दावा किया कि कंटेंट अब भी यूट्यूब पर उपलब्ध है।

ट्रस्ट की मांग- वीडियो हटाएं या उन तक पहुंच को रोके

इसके अलावा ट्रस्ट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के माध्यम से भी केंद्र से निर्देश देने की मांग की, ताकि Google LLC/YouTube उन बताए गए वीडियो को हटा दे या उन तक पहुंच को अक्षम कर दे। इस दौरान ट्रस्ट ने उस शिकायत निवारण प्रणाली में भी बदलाव करने की मांग की, जिसके तहत धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने वाली सामग्री से निपटने के वास्ते ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए दिशानिर्देशों को जारी किया जाता है। ट्रस्ट ने अदालत से ऐसी शिकायतों को लिए अपलोड की जा सकने वाली फाइलों की संख्या और शिकायतों के लिए कैरेक्टर सीमा पर प्रतिबंध हटाने की मांग भी की।

प्रतिवादियों की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ

हाई कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया था, लेकिन जब मामले की सुनवाई हुई, तो बाकी प्रतिवादियों की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। ट्रस्ट की ओर से सीनियर एडवोकेट प्रमोद कुमार दुबे, जबकि केंद्र व अन्य अधिकारियों की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने दलीलें रखीं, जिन्हें सुनने के बाद, कोर्ट ने GAC को सात दिनों के भीतर कानूनी अपील पर फैसला करने का निर्देश दिया।

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।

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