Google भारत में बड़े AI हब की तैयारी कर रहा है. Vizag में इसका पहला चरण 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है. आइए जानते हैं कि गूगल के इस प्रोजेक्ट से भारत को क्या फायदा होगा.
Written By : हिमांशु तिवारी | Updated at : 28 Aug 2026 01:12 PM (IST)

(Google देश में तैयार कर रहा नया एआई सेंटर हब)
Source : Pexels
Google भारत में अपने स्मार्टफोन से लेकर एआई प्रोजेक्ट को भी विस्तार कर रहा है. इसी कड़ी में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल अपने बड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को भारत में तेजी से विस्तार कर रहा है. कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (Vizag) में 1 गीगावाट पावर वाले AI डेटा सेंटर हब तैयार कर रहा है. इसके अलावा माना जा रहा है कि ये प्रोजेक्ट अपने पहले स्टेज में है और इसके अगले 24 से 30 महीनों में पूरा होने की संभावना बताई जा रही है.
एक साथ तैयार हो रहे कई इंफ्रास्ट्रक्चर
रिपोर्ट के मुताबिक, Google एक अधिकारी Alexander Smith के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट में कई तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ तैयार करना जरूरी है. कंपनी ने अप्रैल में विशाखापत्तनम में 1 GW AI डेटा सेंटर हब के निर्माण की शुरुआत की थी. अब माना जा रहा है कि इस प्रोजक्ट का पहला स्टेज 2028 तक शुरू हो सकता है.
इसके अलावा इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरी तरह से चालू करने के लिए अगले 5 साल तक का समय लग सकता है. इसके अलावा कंपनी 2025 से 2030 देश में 15 अरब डॉलर का निवेश करने वाली है.
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भारत में तेज होंगी AI सर्विस
आपको बताते चलें कि Google के लिए ये AI हब भारत में उसकी AI सर्विसेज की ताकत बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभा सकता है. इसके अलावा कंपनी का मानना है कि भारत उसके एआई हब और सर्विसेज के लिए एक बेहतर मार्केट में शामिल है. इससे भारत में भी कई तरह से अवसर लोगों के लिए खुल सकेंगे.
मजबूत होगा इंटरनेट नेटवर्क
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल सिर्फ अपने एआई डेटा सेंटर का ही विस्तार नहीं कर रही है बल्कि कंपनी विशाखापत्तनम में एक नए सी-केबल पर भी काम कर रही है जिससे इंटरनेट नेटवर्क को और भी बेहतर किया जा सके. इन तेज इंटरनेट नेटवर्क से कंपनी एआई हब को ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर जैसे बड़े देशों से डॉयरेक्ट कनेक्शन स्थापित कर सकेगी.
ग्रीन एनर्जी से चलेगा AI डेटा सेंटर
जानकारीके अनुसार, विशाखापत्तनम में जो एआई डेटा सेंटर हब तैयार हो रहा है वो पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी की मदद से चलेगा. जी हां, दरअसल, ये 1 GW डेटा सेंटर एयर-कूल्ड टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा. इसके अलावा बता दें कि डेंटा सेंटर में पानी की बहुत ज्यादा खपत होती है लेकिन गूगल के इस सेंटर में पानी को कंट्रोल तरीके से इस्तेमाल करने की भी योजना बनाई गई है. इसका मतलब साफ है कि कंपनी देश के पर्यावरण को भी ध्यान में रखकर अपने डेंटा सेंटर को शुरू करने की प्लानिंग कर रही है.
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About the author हिमांशु तिवारी
स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.
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Published at : 28 Aug 2026 01:12 PM (IST)
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