दुनिया का सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन गूगल (Google) आज अपनी स्थापना की 28वीं सालगिरह मना रहा है. इस खास मौके पर गूगल ने अपने होमपेज पर एक रेट्रो और नॉस्टैल्जिक डूडल पेश किया है, जिसमें कंपनी का 1998 वाला ओरिजिनल लोगो और एक इंटरेक्टिव हिस्टोरिकल ट्रिविया क्विज दिखाई दे रहा है. इंटरनेट पर राज करने वाले इस टेक दिग्गज की शुरुआत स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 4 सितंबर को कंपनी के रूप में रजिस्टर होने वाला गूगल हर साल 27 सितंबर को ही अपना आधिकारिक जन्मदिन क्यों मनाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और गूगल के गैराज से ग्लोबल ब्रांड बनने की पूरी कहानी.
4 सितंबर को डाली गई नींव, फिर 27 सितंबर को क्यों मनता है जन्मदिन?
गूगल की स्थापना की आधिकारिक तारीख को लेकर अक्सर लोगों में कन्फ्यूजन रहता है. गूगल के संस्थापकों लैरी पेज (Larry Page) और सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin) ने सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक एंडी बेक्टोलशाइम से 1,000,000 डॉलर का पहला निवेश मिलने के बाद 4 सितंबर 1998 को औपचारिक रूप से गूगल इंक (Google Inc.) का गठन किया था.
हालांकि, साल 2006 से कंपनी ने आधिकारिक तौर पर 27 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाना तय किया. इस तारीख को चुनने के पीछे एक ऐतिहासिक वजह थी. 27 सितंबर 2006 को गूगल ने अपने वेब सर्च इंडेक्स में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया था. इस बड़ी तकनीकी छलांग के साथ ही गूगल ने प्रतिस्पर्धी सर्च इंजनों के मुकाबले प्रोसेसिंग क्षमता में बढ़त दर्ज की और होमपेज से पेज-काउंटर को हटा दिया था. तब से ही 27 सितंबर को गूगल का ऑफिशियल बर्थडे माना जाता है.
'BackRub' से शुरू हुआ था सफर, एक गलती से बना 'Google' नाम
गूगल का शुरुआती सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. जब लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था, तब इसका नाम 'बैककब' (BackRub) रखा गया था. ऐसा इसलिए था क्योंकि यह सर्च इंजन वेबसाइट्स के बैकलिंक्स का विश्लेषण करके नतीजों की रैंकिंग तय करता था.
बाद में संस्थापकों ने इसका नाम बदलकर गणितीय शब्द Googol (गुगोल) पर रखने का फैसला किया, जिसका अर्थ होता है 1 के पीछे 100 शून्य (1 followed by 100 zeros). लेकिन जब स्टैनफोर्ड के छात्र शॉन एंडरसन डोमेन नेम की स्पेलिंग सर्च कर रहे थे, तो उनसे गलती से 'Googol' की जगह 'Google' टाइप हो गया. यह स्पेलिंग मिस्टेक दोनों संस्थापकों को इतनी पसंद आई कि उन्होंने यही नाम फाइनल कर दिया और इस तरह एक टाइपोग्राफिकल मिस्टेक से दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड अस्तित्व में आया.
गूगल डूडल (Google Doodle) की अनोखी शुरुआत
गूगल होमपेज पर हर खास मौके पर दिखने वाले 'डूडल' की शुरुआत भी एक बेहद दिलचस्प घटना से हुई थी. अगस्त 1998 में लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन अमेरिका के नेवाडा में आयोजित 'बर्निंग मैन फेस्टिवल' (Burning Man Festival) में हिस्सा लेने जा रहे थे.
यूजर्स को यह बताने के लिए कि संस्थापक ऑफिस से बाहर हैं, उन्होंने गूगल के लोगो में दूसरे 'o' के पीछे एक साधारण स्टिक फिगर (Stick Figure) ड्राइंग बना दी. यह एक तरह का "आउट ऑफ ऑफिस" मैसेज था. एक साधारण स्टेटस अपडेट के रूप में शुरू हुआ यह प्रयोग आज एक ग्लोबल डिजिटल परंपरा बन चुका है. पिछले 28 सालों में गूगल ने दुनिया भर की महान हस्तियों, ऐतिहासिक घटनाओं और सांस्कृतिक त्योहारों पर हजारों डूडल तैयार किए हैं.
28वीं सालगिरह का खास डूडल और ऑफर्स
अपनी 28वीं सालगिरह के अवसर पर गूगल ने होमपेज पर 1998 वाले अपने विंटेज लोगो का इस्तेमाल किया है, जो यूजर्स को 90 के दशक की यादों में ले जाता है. इसके साथ ही एक ट्रिविया क्विज जोड़ा गया है जहां यूजर्स गूगल के इतिहास से जुड़े सवालों के जवाब देकर अपनी जानकारी परख सकते हैं.
एक गैराज से शुरू हुई कंपनी आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी की दुनिया में अग्रणी बन चुकी है. सर्च इंजन से लेकर जेमिनी एआई (Gemini AI) तक, गूगल ने हमारी दैनिक जिंदगी और इंटरनेट इस्तेमाल करने के तरीके को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है.
FAQs: गूगल की सालगिरह से जुड़े मुख्य सवाल
1. गूगल की स्थापना कब हुई थी और इसका पहला नाम क्या था?
गूगल की औपचारिक स्थापना 4 सितंबर 1998 को हुई थी. शुरुआत में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च प्रोजेक्ट के तौर पर इसका नाम 'BackRub' रखा गया था.
2. गूगल हर साल 27 सितंबर को ही अपना बर्थडे क्यों मनाता है?
27 सितंबर 2006 को गूगल ने अपने सर्च इंडेक्स में रिकॉर्ड तोड़ विस्तार की घोषणा की थी और होमपेज से पेज काउंटर हटाया था. इसी मील के पत्थर की याद में 2006 से हर साल 27 सितंबर को ही आधिकारिक जन्मदिन मनाया जाता है.
3. पहला गूगल डूडल किसलिए बनाया गया था?
पहला डूडल अगस्त 1998 में बना था, जब संस्थापकों ने बर्निंग मैन फेस्टिवल में जाते वक्त यूजर्स को अपने "आउट ऑफ ऑफिस" होने की सूचना देने के लिए लोगो में एक स्टिक फिगर बनाया था.
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