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Gold Silver Rates Today: सोना-चांदी के भाव में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से हजारों रुपये नीचे पहुंची कीमत

September 28, 2026

Gold Silver Price: MCX पर 10 ग्राम सोना आज 2675 रुपये गिरकर 148025 पर और चांदी 6121 रुपये टूटकर 228879 पर आ गई। ये फ्यूचर्स रेट हैं। 29 जनवरी के 1,93,096 के रेकॉर्ड हाई से सोना 45071 सस्ता है। वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,261.59 डॉलर/औंस; डॉलर, महंगा तेल और फेड संकेतों का दबाव।

Gold Rate Today 28 September: घरेलू कमोडिटी बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की नजर मजबूत डॉलर, महंगे कच्चे तेल और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों पर है। इन वैश्विक संकेतों के बीच कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।

MCX पर 10 ग्राम सोने की कीमत 2,675 रुपये गिरकर 1,48,025 रुपये पर आ गई। वहीं, सुबह करीब 9:30 बजे चांदी 6,121 रुपये टूटकर 2,28,879 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। ये दोनों फ्यूचर्स कीमतें हैं, न कि हाजिर बाजार के भाव। घरेलू सर्राफा बाजार की शुरुआती कीमतों पर भी वैश्विक और वायदा बाजार के रुझान का असर पड़ता है।

रिकॉर्ड हाई से कितना नीचे आया सोना?

MCX के आंकड़ों के मुताबिक, सोने ने 29 जनवरी को 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड हाई बनाया था। मौजूदा स्तर पर सोना इस शिखर से करीब 45,071 रुपये नीचे है। यानी रिकॉर्ड स्तर की तुलना में घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज हो चुकी है। बाजार में निवेशकों की नजर अब आगे के अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी संकेतों पर है।

चांदी भी रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे

चांदी की कीमतों में भी सोमवार को तेज दबाव दिखाई दिया। MCX पर चांदी का ऑल टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है। मौजूदा भाव इस रिकॉर्ड स्तर से करीब 1,91,169 रुपये नीचे है।

घरेलू बाजार में चांदी की मौजूदा कमजोरी अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख से भी जुड़ी हुई है। सोमवार को स्पॉट सिल्वर में करीब 0.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 63.77 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव

वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में सोमवार को गिरावट जारी रही। पिछले सप्ताह 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के बाद स्पॉट गोल्ड करीब 4,200-4,300 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार करता दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कमजोरी का असर घरेलू कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा है।

चांदी के अलावा प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी दूसरी कीमती धातुओं में भी कमजोरी देखी गई। बाजार में फिलहाल निवेशक जोखिम और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

डॉलर, महंगा तेल और फेड की उम्मीदें बनी वजह

सोने की कीमतों पर दबाव की बड़ी वजह अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बदलती बाजार उम्मीदें हैं। ऊंचे कच्चे तेल की कीमतें महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है।

स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध भी तेल बाजार को प्रभावित कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की हॉरमुज को दोबारा खोलने से जुड़ी सात दिन की पेशकश को खारिज किया है, हालांकि उन्होंने इस सप्ताह बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद जताई है। इसके बाद सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई।

महंगे तेल से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी वजह से बाजार में अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर आगे भी सख्त रुख की संभावना पर चर्चा तेज हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, अक्टूबर में अमेरिकी दर बढ़ोतरी की संभावना करीब 65 फीसदी आंकी जा रही है।

निवेशकों की नजर अब अगले संकेतों पर

सोने को आम तौर पर महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद इसके आकर्षण को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमत और फेड के संकेत सोने-चांदी की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।