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Gen-Z Face in BSP: बीएसपी का नया 'Gen-Z' चेहरा बने प्रिंस युकेश सिंह; युवाओं और ठाकुर समुदाय को साधने का दांव - Haribhoomi

September 1, 2026

बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में युवाओं और उच्च जातियों को साधने के लिए एक बड़ा रणनीतिक दांव खेला है। पार्टी के दिवंगत इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह को बीएसपी का नया 'Gen-Z' चेहरा बनाकर प्रमोट किया जा रहा है। लखनऊ में बीएसपी प्रमुख मायावती की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में युकेश सिंह की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी उनके जरिए युवाओं और ठाकुर समुदाय के बीच अपनी पकड़ को और मजबूत करने जा रही है।

BSP Prince Yukesh Singh

मायावती का प्रिंस युकेश सिंह को बीएसपी में इस तरह से प्रोजेक्ट करना पार्टी की 'सोशल इंजीनियरिंग 2.0' का हिस्सा माना जा रहा है।

  • Published: 01 Sep 2026, 01:14 PM IST
  • Last Updated: 01 Sep 2026, 01:14 PM IST

उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताना शुरू कर दिया है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने बलिया की रसड़ा सीट से तीन बार विधायक रहे late उमाशंकर सिंह के पुत्र प्रिंस युकेश सिंह को अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा किया है। लखनऊ में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक में युकेश सिंह को शामिल कर मायावती ने न केवल उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत सौंपने के संकेत दिए, बल्कि उन्हें पार्टी का प्रमुख 'Gen-Z' चेहरा बनाकर पेश करने की तैयारी भी पूरी कर ली है।

विदेश से शिक्षा और आधुनिक सोच: बीएसपी को मिला नया युवा चेहरा
प्रिंस युकेश सिंह बीएसपी के पारंपरिक राजनीतिक चेहरों से काफी अलग नजर आते हैं। विदेश से उच्च शिक्षा प्राप्त और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले युकेश सिंह को पार्टी युवाओं के बीच एक आधुनिक और पढ़े-लिखे नेता के रूप में प्रोजेक्ट कर रही है। आज के समय में जब 'Gen-Z' मतदाता चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं, तब बीएसपी युकेश की स्वच्छ छवि और विजन का उपयोग युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए करना चाहती है।

ठाकुर समुदाय और पूर्वांचल के समीकरणों को साधने का मास्टरस्ट्रोक
बलिया और पूर्वांचल के आसपास के इलाकों में स्वर्गीय उमाशंकर सिंह का ठाकुर समुदाय के साथ-साथ सभी वर्गों में खासा प्रभाव था। उनके निधन के बाद से ही क्षेत्र में राजनीतिक खालीपन देखा जा रहा था। मायावती द्वारा प्रिंस युकेश को आगे करने के पीछे सबसे बड़ी वजह पूर्वांचल के ठाकुर वोट बैंक को बसपा के पाले में सुरक्षित रखना है। पार्टी को उम्मीद है कि युकेश सिंह अपने पिता की सामाजिक स्वीकार्यता और अपनी नई सोच के दम पर ठाकुर समाज के बीच बीएसपी की पैठ को दोबारा मजबूत करेंगे।

पिता के अस्वस्थ रहने के दौरान से ही क्षेत्र में सक्रिय हैं युकेश
प्रिंस युकेश सिंह के लिए राजनीति का यह मैदान बिल्कुल नया नहीं है। अपने पिता उमाशंकर सिंह की अस्वस्थता के दिनों से ही युकेश रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुलझाने, सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी निभाने और विकास कार्यों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्षेत्र की जनता के बीच उनकी इसी सहज उपलब्धता और मेहनत को देखते हुए मायावती ने उन पर भरोसा जताया है और उन्हें 2027 के चुनाव में रसड़ा सीट से उम्मीदवार बनाने की तैयारी की है।

सोशल इंजीनियरिंग 2.0: सर्वजन हिताय की दिशा में बसपा का कदम
मायावती का प्रिंस युकेश सिंह को बीएसपी में इस तरह से प्रोजेक्ट करना पार्टी की 'सोशल इंजीनियरिंग 2.0' का हिस्सा माना जा रहा है। कैडर बेस वोटबैंक के साथ-साथ युवाओं, अगड़ी जातियों विशेष रूप से ठाकुर समाज और नए जमाने के मतदाताओं को एक साथ लाना बसपा का मुख्य लक्ष्य है। युकेश सिंह की राजनीतिक लॉन्चिंग से बसपा यह संदेश देने में सफल रही है कि वह युवाओं और योग्य नेतृत्व को पार्टी में पूरा सम्मान और जिम्मेदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है।