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Ganesh Chaturthi Bhog: गणपति बप्पा को दस दिनों में क्या चढ़ाएं? देखें गणेश जी के 10 दिनों के 10 भोग

September 14, 2026

Ganesh Chaturthi Prasadam List: गणेश उत्सव का शुभ आगाज सोमवार, 14 सितंबर से होने जा रहा है. गणेश चतुर्थी के दिन घर-घर में गणपति बप्पा की स्थापना की जाएगी. अगले 10 दिनों तक भक्त भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करेंगे और उन्हें तरह-तरह के भोग अर्पित करेंगे. मान्यता है कि गणपति बप्पा को उनकी पसंद की चीजों का भोग लगाने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं. ऐसे में अगर आप भी 10 दिनों तक बप्पा को अलग-अलग भोग लगाना चाहते हैं, तो हर दिन के लिए एक खास प्रसाद चढ़ा सकते हैं.

गणेश जी को भोग लगाने की परंपरा

गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश को प्रतिदिन अलग-अलग भोग लगाने की परंपरा है. इसमें मोदक से लेकर लड्डू, फल और खीर तक कई तरह के प्रसाद शामिल होते हैं. आप अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार बप्पा को इन चीजों का भोग लगा सकते हैं. तो आइए जानते हैं गणेश उत्सव के 10 दिनों में किस दिन गणपति बप्पा को क्या चढ़ाएं.

पहला दिन (मोदक):- गणेश उत्सव के पहले दिन भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं. मोदक को गणपति बप्पा का सबसे प्रिय भोग माना जाता है. इसलिए गणेश चतुर्थी पर मोदक चढ़ाने की खास मान्यता है.

दूसरा दिन (मोतीचूर के लड्डू):- गणेश उत्सव के दूसरे दिन बप्पा को मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाया जा सकता है. पूजा के बाद इन लड्डुओं को प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांटें.

तीसरा दिन (बेसन के लड्डू):- तीसरे दिन गणपति बप्पा को बेसन के लड्डू अर्पित करें. घर पर बने बेसन के लड्डू से भगवान को भोग लगाना शुभ माना जाता है.

चौथा दिन (केले का भोग):- चौथे दिन गणेश जी को केले का भोग लगाएं. पूजा में फल अर्पित करने की भी परंपरा है. आप केले के साथ अन्य फल भी श्रद्धानुसार चढ़ा सकते हैं.

पांचवां दिन (मखाने की खीर):- गणेश उत्सव के पांचवें दिन बप्पा को मखाने की खीर का भोग लगाया जा सकता है. दूध और मखाने से बनी खीर भगवान को अर्पित करने के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.

छठा दिन (नारियल):- छठे दिन गणपति बप्पा को नारियल अर्पित करें. पूजा-पाठ में नारियल का विशेष महत्व माना जाता है और इसे शुभ फल देने वाला माना जाता है.

सातवां दिन (मेवे के लड्डू या गुड़):- सातवें दिन भगवान गणेश को मेवे के लड्डू या गुड़ का भोग लगा सकते हैं. अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से कोई एक चीज बप्पा को श्रद्धा से अर्पित करें.

आठवां दिन (कलाकंद या मावे के लड्डू):- आठवें दिन गणपति बप्पा को कलाकंद या मावे के लड्डू का भोग लगाएं. दूध से बनी मिठाइयों का भोग भी गणेश पूजा में अर्पित किया जाता है.

नौवां दिन (केसर श्रीखंड या मालपुआ):- नौवें दिन बप्पा को केसर श्रीखंड या मालपुआ का भोग लगाया जा सकता है. आप घर पर तैयार करके या अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी एक प्रसाद को भगवान को अर्पित कर सकते हैं.

दसवां दिन (मोदक या छप्पन भोग):- गणेश उत्सव के दसवें दिन अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन किया जाता है. इस दिन भगवान गणेश को अलग-अलग तरह के मोदक या छप्पन भोग अर्पित किया जा सकता है. इसके बाद विधि-विधान से बप्पा की पूजा कर उन्हें विदाई दी जाती है.

गणेश भोग के लिए कौन सा मंत्र है?

भगवान गणेश को नैवेद्य यानी भोग अर्पित करते समय विशेष मंत्र का उच्चारण किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा के साथ इस मंत्र का जाप करते हुए बप्पा को भोग लगाया जाता है- “ॐ प्राणााय स्वाहा, ॐ अपानाय स्वाहा, ॐ समानाय स्वाहा, ॐ उदानाय स्वाहा, ॐ व्यानाय स्वाहा, ॐ अमृता नमः स्वाहा”

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी

सना चौधरी

सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया.  इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.

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