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पुतिन का G7 पर वार, मोदी का BRICS से संदेश... अब शी के साथ 'शक्ति प्रदर्शन' पर होगी दुनिया की नजर

September 11, 2026

पुतिन का G7 पर वार, मोदी का BRICS से संदेश… अब शी के साथ ‘शक्ति प्रदर्शन’ पर होगी दुनिया की नजर

ब्रिक्स: मोदी, पुतिन और जिनपिंग.

BRICS Summit Delhi 2026: 18वीं BRICS लीडर्स समिट 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होगी. सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता ग्लोबल गवर्नेंस, बहुपक्षवाद, व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और जरूरी सप्लाई चेन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित पार्टनर देशों के राष्ट्राध्यक्ष समिट में शिरकत करेंगे.

शुक्रवार को पीएम मोदी की पुतिन और पेजशकियन के साथ द्विपक्षीय बातचीत हुई. नेताओं ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में हिस्सा लिया. बिजनेस फोरम की बैठक से पुतिन ने G-7 पर तंज कसा. वहीं पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश दिया और भारत के विजन से परिचित कराया और कहा कि भारत में आयोजित ब्रिक्स का यह सबसे बड़ा आयोजन है. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक अमेरिका के साथ बातचीत के लिए किसी दबाव में नहीं आएगा.

Business forum, bilateral meetings and moreall the action from Bharat Mandapam today. pic.twitter.com/vUhQZqTMBF

— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026

दूसरी ओर, शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आएंगे. यह शी जिनपिंग का सात साल में पहला भारत दौरा है. शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी.इस मीटिंग पर दुनिया की नजर रहेगी.

जानें BRICS समिट में क्या होगा

BRICS में शुरू में पांच देश थे: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका. तब से इसमें ईरान, मिस्र और UAE जैसे देशों को जोड़कर 11 सदस्य हो गए हैं.

समिट शनिवार, 12 सितंबर को दोपहर 2.35 बजे BRICS सदस्य देशों की एक बंद कमरे में मीटिंग के साथ शुरू होगी, जिसका विषय इनक्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस और मल्टीलेटरलिज्म को मजबूत करना होगा.

इसके बाद लीडर शाम 4.25 बजे भारत इनोवेट्स एग्जिबिशन देखने जाएंगे, जिसके बाद शाम 5.05 बजे ऑफिशियल फैमिली फोटोग्राफ और एक साथ पेड़ लगाने का कार्यक्रम होगा.

शाम को पीएम मोदी डिनर की करेंगे मेजबानी

शनिवार को शाम 7: 30 बजे भारत मंडपम में ब्रिक्स में आए राष्ट्राध्यक्षों के लिए रात्रि भोज होगा. पीएम मोदी इस गाला डिनर की मेजबानी करेंगे. इस रात्रिभोज के लिए कुछ केंद्रीय मंत्रियों को भी न्योता दिया गया है. इसके साथ ही 14-15 राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस गाला डिनर में शामिल होंगे.

ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ये सभी मुख्यमंत्री बस से एक साथ भारत मंडपम जाएंगे. सभी मुख्यमंत्रियों को शाम 5 से 5.30 बजे तक संसद भवन पहुंचने को कहा गया है. संसद भवन से ये सभी मुख्यमंत्री शाम करीब 6 बजे बस से एक साथ भारत मंडपम के लिए निकलेंगे.

रविवार, 13 सितंबर को, BRICS सदस्य देशों, पार्टनर देशों और आउटरीच इनवाइटीज के लीडर सुबह 9.55 बजे पहुंचना शुरू हो जाएंगे. ऑफिशियल ग्रुप फोटो सुबह 10.35 बजे लिया जाएगा, उसके बाद सुबह 10.50 बजे मेन ओपन सेशन होगा, जिसका टाइटल होगा रेसिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी: इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ के लिए भविष्य को आकार देना.समिट नई दिल्ली डिक्लेरेशन के साथ खत्म होगा.

जिनपिंग और मोदी की मीटिंग पर दुनिया की नजर

BRICS समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली मीटिंग पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी. 2019 के बाद और 2020 में बॉर्डर पर हुई झड़पों के बाद बिगड़े रिश्तों के बाद चीनी राष्ट्रपति का पहला भारत दौरा है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार दोपहर 12.35 बजे दिल्ली पहुंचेगे. शाम 5.45 बजे शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच बैठक होगी.

China and India are arranging for the bilateral meeting between President Xi and Prime Minister Modi.

This will be the third year in a row for the two leaders to meet with each other, following their meetings in Kazan and Tianjin.

China will work with India to act on the pic.twitter.com/jD3GeZpjZk

— Xu Feihong (@China_Amb_India) September 11, 2026

यह मीटिंग नई दिल्ली और बीजिंग के बीच रिश्तों में सुधार के बीच हो रही है, और पिछले साल SCO समिट के लिए मोदी के चीन दौरे के बाद हो रही है, हालांकि बॉर्डर विवाद और ट्रेड में असंतुलन दोनों देशों के बीच अभी भी मुद्दे बने हुए हैं.

नई दिल्ली और बीजिंग के बीच बॉर्डर के मुद्दे एजेंडा में रहने की उम्मीद है, यह विवाद दशकों पुराना है और 1962 में दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ था, जबकि 2020 के संघर्ष ने रिश्तों को गहरे ठंडे बस्ते में डाल दिया था, पिछले एक साल में दोनों पक्षों के बीच रिश्तों में काफी सुधार हुआ है.

चीन और भारत के रिश्ते में सुधार

चीनी विदेश मंत्री वांग यी और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अगस्त में मिले थे, और संतुष्टि जताई थी. लोगों के बीच और बॉर्डर पार लेन-देन फिर से शुरू होने पर, जिसमें बॉर्डर ट्रेड और हिमालय के दर्रों से तीर्थ यात्राएं शामिल हैं, भारत और चीन ने रिश्तों में सुधार का संकेत देते हुए सीधी उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं.

साथ ही नई दिल्ली ने भारत में चीनी निवेश से जुड़े नियमों में भी ढील दी है. चीन के साथ नई दिल्ली की नजदीकियां ऐसे समय में हुई हैं जब दूसरे ट्रंप प्रशासन के साथ व्यापार और टैरिफ को लेकर रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं, जिससे भारत दूसरे रिश्तों में सक्रिय रूप से निवेश कर रहा है.

मोदी और शी पिछले हफ्ते किर्गिस्तान में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन से अलग मिले थे, और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दूसरे सदस्यों के साथ बिश्केक घोषणा पर साइन किए थे, जिसमें अमेरिका का नाम लिए बिना ईरान पर सैन्य हमलों की निंदा की गई थी.

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अजय विद्यार्थी

अजय विद्यार्थी

कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.

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