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FSDA का नकली दवा कारोबार पर शिकंजा, 50 लाइसेंस निरस्त: दो मेडिकल स्टोर सील, दो फर्मों की बिक्री पर रोक, करोड़ों की दवाएं जब्त - Agra News

July 11, 2026

नकली, री-लेबलिंग और सरकारी सप्लाई की दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने अब तक 58 थोक दवा लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए हैं। ताजा कार्रवाई में दो मेडिकल फर्मों को सील किया गया है,

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मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल सील एफएसडीए के अनुसार हालिया कार्रवाई में मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल को पूरी तरह सील कर दिया गया। वहीं नीलकंठ और मनु फार्मा की दवा बिक्री पर रोक लगाई गई है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

58 थोक दवा लाइसेंस पर कार्रवाई विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब तक 58 थोक दवा लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए जा चुके हैं। इससे पहले वरदान मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस 30 जनवरी 2026 और हर्षित ट्रेडर्स का लाइसेंस 16 जून 2026 को निरस्त किया गया था।

फर्जी बिलों के जरिए बाजार में पहुंच रहीं थीं दवाएं जांच में सामने आया है कि Chymoral Forte, Shelcal और Aciloc समेत कई ब्रांडेड दवाओं की बिक्री फर्जी खरीद बिलों के जरिए की जा रही थी। आरोप है कि सरकारी और ईएसआई सप्लाई के लिए निर्धारित दवाओं को भी अवैध रूप से खुले बाजार में बेचा जा रहा था। जांच के दौरान साक्ष्य मिटाने और रिकॉर्ड छिपाने के प्रयास भी सामने आए हैं।

इंसुलिन की कोल्ड-चेन में मिली अनियमितता युग फार्मा पर की गई छापेमारी में जीवनरक्षक इंसुलिन को निर्धारित कोल्ड-चेन व्यवस्था के बिना रखा गया पाया गया। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि अस्पतालों और सरकारी आपूर्ति की दवाओं के पुराने लेबल हटाकर उन पर नए एमआरपी लेबल लगाए जा रहे थे, ताकि उन्हें बाजार में बेचा जा सके।

सीसीटीवी में कैद हुए संदिग्ध एफएसडीए की जांच के दौरान शारदा फार्मा के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी नबील खान और सोनू बघेल दवाओं के कार्टन ले जाते हुए दिखाई दिए। इन साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ गाजियाबाद ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

तीन नई एफआईआर दर्ज मामले में दर्ज तीन नई एफआईआर में कई दवा कारोबारियों और फर्मों को नामजद किया गया है। विभाग का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

3.63 करोड़ से अधिक की दवाएं जब्त कार्रवाई के दौरान करीब 3.63 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं जब्त की गई हैं। इनमें इंसुलिन, वैक्सीन, डिफेंस और ईएसआई सप्लाई की दवाएं, फिजिशियन सैंपल तथा संदिग्ध नकली दवाएं शामिल हैं।

‘नेटवर्क पर लगातार रखी जा रही निगरानी’ एफएसडीए आयुक्त रोशन जेकब ने कहा कि नकली दवाओं और री-लेबलिंग के अंतरजनपदीय नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दवा व्यापार की आड़ में फर्जी बिलिंग, नकली दवाओं की बिक्री और री-लेबलिंग जैसे अवैध कार्यों में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।