Bihar Politics: बिहार में बच्चियों के साथ हो रही दुर्व्यवहार और छेड़खानी की घटनाओं के बीच आरजेडी सांसद मीसा भारती मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कराने पटना के सचिवालय थाना पहुंच गईं। काफी देर तक मीसा भारती थाना में अपना आवेदन लेकर बैठी रहीं लेकिन आखिरकार पुलिस ने केस लेने से मना कर दिया और उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा।
दरअसल, बिहार के जमुई में छात्रा के साछ छेड़खानी के मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस वारदात के सभी आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया है लेकिन मामले ने तब सियासी रूप ले लिया जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया पेज पर पीड़िता के परिजनों के साथ तस्वीर साझा की हालांकि बाद में तेजस्वी यादव द्वारा इसे पॉक्सो एक्ट का खुला उल्लंघन बताया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री को पोस्ट डिलीट करना पड़ा था।
पूरे मामले पर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ऊपर गंभीर आरोप लगाए और बिहार पुलिस पर दोहरी नीति अपनाने का भी आरोप मढ़ा। तेजस्वी यादव कहा कि ऐसे मामलों का फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले सैकड़ों लोगों को जब पॉक्सो एक्ट का अभियुक्त बनाया गया है तो फिर मुख्यमंत्री को पुलिस ने क्यों अभियुक्त नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होता है। अगर पुलिस सम्राट चौधरी के खिलाफ पॉक्सों एक्ट के उल्लंघन का केस दर्ज नहीं करती है तो वह कोर्ट जाएंगे।
इसके बाद बड़ा पॉलिटिकल ड्रामा तब देखने को मिला जब तेजस्वी यादव की बहन और पाटलिपुत्र से आरजेडी सांसद मीसा भारती पटना के सचिवालय थाना जा पहुंची। मीसा भारती मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची थीं लेकिन काफी देर तक आवेदन लेकर बैठने के बावजूद पुलिस ने उनका आवेदन नहीं लिया और केस दर्ज करने से सीधे तौर पर इनकार कर दिया।
मीसा भारती ने कहा कि बिहार प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सचिवालय थाना आए थे। पिछले कुछ दिनों से बिहार में बच्चियों के साथ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं। सबसे पहले जमुई से इसकी शुरूआत होती है, फिर समस्तीपुर में दो दो घटनाएं हो जाती हैं। इसके बाद बांका, मधेपुरा और दरभंगा से भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी घटना बाढ़ के बेलछी में हुई।
मीसा ने कहा कि हम सचिवालय थाना में जाति का खेल खेलने नहीं आए हैं। हम जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं, सांसद हैं और जब मेरा एफआईआर नहीं लिया जा रहा है तो बिहार के आम लोगों की क्या स्थिति होती होगी थानों में। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के साथ साथ गृहमंत्री भी हैं। जमुई में ढाई सौ से अधिक लोगों के ऊपर, चाहे वह न्यूज चैनल वाले लोग हों या यूट्यूबर्स हो या आम लोग हों सभी के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री पीड़ित बच्ची और उसके परिवार के लोगों को बुलाकर फोटो सेशन करा रहे थे। एक तरफ न्यूज चैनल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के खिलाफ केस दर्ज करा रहे हैं और दूसरी तरफ खुद एक्स पर पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन करते हुए फोटो शेयर करते हैं और जब 20 मिनट के बाद उन्हें इसका पता चला तो पोस्ट को डिलीट कर देते हैं। यह पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन है या नहीं?
रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना