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हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में एडवोकेट की शिकायत पर पहली FIR: बोलीं- मैं मौके पर थी, ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे नहीं लगे, एडिटेड वीडियो फैलाए गए - Nainital News

September 8, 2026

खड़गे की रैली के एक दिन बाद 9 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हिंदू संगठनों ने शुद्धि हवन कराया था।

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में पुलिस ने पहली FIR दर्ज कर ली है। यह मुकदमा एडवोकेट अंजू की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है।

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अंजू का आरोप है कि सोशल मीडिया पर एडिटेड वीडियो प्रसारित कर ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्द जोड़े गए और एक खास धर्म व जाति को टारगेट करने की कोशिश की गई।

पुलिस ने शिकायत पर BNS की धारा 196 और 299 तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच SP क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। SSP नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे नामजदगी की जाएगी।

खड़गे ने एक बयान जारी कर इस मामले में पीएम मोदी और अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए थे।

खड़गे ने एक बयान जारी कर इस मामले में पीएम मोदी और अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए थे।

अब जानिए एडवोकेट ने क्या कहा…

1. ‘किसी जाति-धर्म को अपमानित करने से लेना-देना नहीं’

अंजू ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति, जाति या धर्म के खिलाफ अपमानजनक, भ्रामक या नफरत फैलाने वाली सामग्री की शिकायत नहीं की है। उनका कहना है कि इस मामले को सामान्य बयानबाजी या राजनीतिक मुद्दा कहकर टालना नहीं चाहिए। शुद्धिकरण का मामला गंभीर था और इसके बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो एडिट करके डाले गए।

2. ‘एडिटिंग के जरिए सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हुई’

अंजू ने कहा कि सोशल मीडिया पर एडिट किए गए वीडियो के जरिए ऐसी सामग्री प्रसारित की गई, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और लोगों के बीच सामाजिक मतभेद पैदा होने की स्थिति बनी। उनके मुताबिक, वीडियो में ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्द जोड़कर प्रसारित किए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे वीडियो सबसे पहले प्रसारित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

3. ‘पर्टिकुलर धर्म में किसी व्यक्ति को टारगेट किया जा रहा था’

अंजू ने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्होंने ऐसे वीडियो देखे, जिनसे एक पर्टिकुलर धर्म को टारगेट किया जा रहा था। साथ ही जातिगत रूप में किसी व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा था। उनके मुताबिक, ऐसी सामग्री से सामाजिक सौहार्द और लोगों के बीच सामाजिक मतभेद की स्थिति पैदा हो रही थी।

4. तहरीर 15 अगस्त को दी थी, 7 सितंबर को दर्ज हुई FIR

अंजू ने बताया कि उन्होंने मामले में 15 अगस्त को तहरीर दी थी। इसके बाद 7 सितंबर को करीब 1:30 बजे FIR दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे। जिन लोगों ने एडिटेड वीडियो के जरिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, जातिवादी विचारधारा प्रस्तुत करने या किसी पर्टिकुलर धर्म अथवा जाति को टारगेट करने का काम किया है, उनकी जांच होनी चाहिए।

4. ‘अल्लाह हू अकबर जैसे भ्रामक शब्द डालने वालों पर कार्रवाई हो’

अंजू ने कहा कि जिन लोगों ने सबसे पहले एडिटिंग करके ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्दों का उपयोग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर डाले, उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए सभी मटेरियल को एविडेंस के तौर पर सुरक्षित रखने की मांग की।

5. ‘शुद्धिकरण करने वालों की भी जांच हो’

शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर अंजू ने कहा कि यह मामला भी जांच के दायरे में होना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को शुद्धिकरण के नाम पर अपमानित नहीं किया जा सकता, क्योंकि रामलीला मैदान एक सामाजिक स्थल है।

दिल्ली में शुद्धिकरण पर बोलते राहुल गांधी।

दिल्ली में शुद्धिकरण पर बोलते राहुल गांधी।

अब जानिए क्या है पूरा विवाद और अब तक क्या-क्या हुआ

1. 8 अगस्त: खड़गे की सभा, 9 को शुद्धिकरण

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया था। इसके अगले दिन 9 अगस्त को हिंदू संगठनों ने मैदान में हवन और ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ कराया। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और खड़गे के अपमान से जोड़ा। इसके बाद मामला राजनीतिक विवाद बन गया।

2. 13-24 अगस्त: मुद्दा गरमाया, कांग्रेस का प्रदर्शन

13 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा उठाया और इसे छुआछूत से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की। इसी दिन भाजपा ने कहा कि शुद्धिकरण का जाति से कोई संबंध नहीं है। 14 अगस्त को कांग्रेस ने हल्द्वानी में सत्याग्रह मार्च निकाला। 24 अगस्त को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।

3. 29-31 अगस्त: राहुल पर FIR, भट्ट पर शिकायत

29 अगस्त को राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामला उठाया और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। 30 अगस्त को शुद्धिकरण में शामिल दो लोगों की तहरीर पर हल्द्वानी थाने में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज हुई। 31 अगस्त को कांग्रेस ने प्रदेशभर के थानों में तहरीर दी। देहरादून में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ भी शिकायत दी गई।

4. 4 सितंबर: भट्ट के खिलाफ शिकायत, 7 को जीरो FIR

कांग्रेस ने 4 सितंबर को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ शिकायत दी थी। वहीं, आदिवासी कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा की शिकायत के आधार पर 7 सितंबर को कर्नाटक में महेंद्र भट्ट के खिलाफ जीरो FIR दर्ज हुई। इसी दिन विवाद को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने हल्द्वानी में अलग-अलग प्रदर्शन किए।

5. 7 सितंबर: हाईकोर्ट में सुनवाई, दो FIR की जानकारी

शुद्धिकरण विवाद को लेकर दायर जनहित याचिका पर 7 सितंबर को नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि मामले में दो जीरो FIR दर्ज हैं। इनमें एक हल्द्वानी और दूसरी बेंगलुरु में दर्ज हुई है। सरकार ने दोनों FIR को जांच के लिए हल्द्वानी ट्रांसफर करने की बात कही। साथ ही घटना से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भरोसा दिया। सरकार के आश्वासन के बाद हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।

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