FIFA World Cup 2026 के फाइनल के बाद स्पेन की सेलिब्रेशन फोटो को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि डोनाल्ड ट्रंप को तस्वीर से हटा दिया गया। जानिए वायरल दावे की पूरी सच्चाई और क्या कहते हैं वीडियो व तस्वीरें।
FIFA World Cup 2026 ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान स्पेन के कप्तान रॉड्री अपनी टीम के साथ सेलिब्रेशन करते हुए।
- Published: 20 Jul 2026, 07:55 PM IST
- Last Updated: 20 Jul 2026, 07:55 PM IST
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर चौथी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मैच के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मंच पर मौजूद थे। लेकिन कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक नया विवाद शुरू हो गया।
दावा किया जाने लगा कि स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन (RFEF) ने अपनी आधिकारिक जीत की तस्वीरों से ट्रंप को हटा दिया है। अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में तस्वीर एडिट की गई थी या फिर वायरल दावा अधूरी जानकारी पर आधारित है?
ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान क्या हुआ?
फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह में FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों मंच पर मौजूद थे। ट्रंप ने स्पेन के खिलाड़ियों को मेडल पहनाए और कप्तान रॉड्री को FIFA World Cup ट्रॉफी भी सौंपी।

जब रॉड्री ने पहली बार ट्रॉफी उठाई, तब ट्रंप भी खिलाड़ियों के बेहद करीब दिखाई दिए। इसी दौरान ली गई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
स्टेडियम में ट्रंप की मौजूदगी पर हुई हूटिंग
फाइनल के दौरान जब स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर डोनाल्ड ट्रंप दिखाई दिए, तब दर्शकों के एक वर्ग ने हूटिंग की। इसके बाद ट्रॉफी समारोह में भी उनके मैदान पर आने के दौरान शोर सुनाई दिया। कुछ वीडियो में यह भी देखा गया कि ट्रॉफी उठाने के शुरुआती क्षणों के बाद ट्रंप मंच से हटते नजर आते हैं और समारोह आगे बढ़ता है।
🙌🏼🏆 LOS SUEÑOS SE CUMPLEN.#VamosEspaña | #CopaMundialFIFA pic.twitter.com/yBbtjvKmg2
— Selección Española Masculina de Fútbol (@SEFutbol) July 19, 2026
President Trump presents the World Cup championship trophy. Trump still wins as the best. pic.twitter.com/hiQ3sSU1zz
— Grandstar (@GrandDaughterX) July 20, 2026
आखिर वायरल दावा क्या है?
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया कि स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में जो तस्वीरें शेयर कीं, उनमें डोनाल्ड ट्रंप दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या ट्रंप को फोटो से जानबूझकर क्रॉप या एडिट कर हटाया गया। यही दावा अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Champions.#FIFAWorldCup pic.twitter.com/h7BTVx8R6A
— FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 19, 2026
🔥 LET'S GO! President Trump just PERSONALLY awarded the FIFA World Cup trophy to SPAIN after defeating Argentina 1-0 in extra time
Trump started fist pumping with the team 🤣🔥
This was easily the best world cup in HISTORY. AMERICA made it happen! 🇺🇸 pic.twitter.com/RuHM7fLhoL
— Nick Sortor (@nicksortor) July 19, 2026
क्या सचमुच तस्वीर से ट्रंप को हटाया गया?
उपलब्ध वीडियो और तस्वीरों के आधार पर फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि तस्वीर को डिजिटल एडिटिंग के जरिए बदला गया। दरअसल, ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान कई अलग-अलग एंगल और अलग-अलग समय पर तस्वीरें ली गई थीं।
शुरुआती फ्रेम में ट्रंप खिलाड़ियों के साथ नजर आते हैं, जबकि बाद के कई फ्रेम ऐसे हैं, जिनमें वे मंच पर मौजूद नहीं दिखते। ऐसे में यह भी संभव है कि स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने वही तस्वीरें साझा की हों, जो ट्रंप के मंच से हटने के बाद ली गई थीं। इसलिए केवल एक फोटो के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि उन्हें एडिट करके हटाया गया।
The FIFA President trying to get the actual President off the podium as Spain lifted the world cup.
And President Trump ignoring him and celebrating with Spain 🇪🇸 😎 pic.twitter.com/HsnnNBmveE
— Tommy Robinson 🇬🇧 (@TRobinsonNewEra) July 20, 2026
सोशल मीडिया पर क्यों बढ़ा विवाद?
ट्रॉफी समारोह की दो अलग-अलग तस्वीरों की तुलना करते हुए कई यूजर्स ने एडिटिंग का दावा किया। कुछ पोस्ट में इसे राजनीतिक मुद्दे से भी जोड़ दिया गया। हालांकि, अब तक स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन या FIFA की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
निष्कर्ष: फिलहाल उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो से यह स्पष्ट होता है कि डोनाल्ड ट्रंप ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह के शुरुआती हिस्से में मंच पर मौजूद थे। लेकिन ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने आधिकारिक तस्वीरों से उन्हें डिजिटल रूप से हटाया।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे को फिलहाल पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता। अधिक संभावना यही है कि अलग-अलग समय पर ली गई तस्वीरों की वजह से यह भ्रम पैदा हुआ।