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Fact Check: मूर्ति विसर्जन के लिए जाली तोड़ते लोगों का वीडियो तेलंगाना का है, कर्नाटक का नहीं- Viral Video of Ganesh Visarjan video is from Telangana not Karnataka

September 22, 2026

तेलंगाना के जलाशयों में पीओपी मूर्तियों के विसर्जन पर रोक के हाई कोर्ट के निर्देश के बाद हुसैन सागर झील के किनारे जालियां लगाई गई थीं, लेकिन भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान जाल‍ियों को तोड़ दिया। उस घटना के वीडियो को कर्नाटक का बताकर शेयर किया जा रहा है। 

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए दिल्ली समेत कुछ राज्यों में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगी हुई है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कई लोगों को जलाशय के किनारे लगी जालियों को तोड़ते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि कर्नाटक सरकार ने नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई, लेकिन लोगों ने जालियां तोड़ दीं।

विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि वीडियो तेलंगाना का है, जहां हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जलाशयों में पीओपी मूर्तियों का विसर्जन रोकने के लिए जालियां लगाई गई थीं, लेकिन हैदराबाद में टैंक बंड पर भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति (BGUS) के सदस्यों ने जालियों को तोड़ दिया। इस वीडियो का कर्नाटक से कोई संबंध नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट?

एक्स यूजर ‘kapil bishnoi’ ने 22 सितंबर 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “कर्नाटक….सरकार ने नदी में विसर्जन प्रतिबंधित किया था। जाली लगाकर लोगों को रोकने की कोशिश की थी। लोगों ने इकट्ठा होकर कहा, हम तो नदी में ही विसर्जित करेंगे। प्रदूषण फैलता है तो फैलने दो। अब बताओ… सरकार क्या करे….??”

कर्नाटक….

सरकार ने नदी में विसर्जन प्रतिबंधित किया था

जाली लगाकर लोगों को रोकने की कोशिश की थी

लोगों ने इकट्ठा होकर कहा….

हम तो नदी में ही विसर्जित करेंगे…

प्रदूषण फैलता है तो फैलने दो…

अब बताओ… सरकार क्या करे….?? pic.twitter.com/rGPkMdLvDH

— kapil bishnoi (@Kapil_Jyani_) September 22, 2026

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। ‘9Plus News’ के यूट्यूब चैनल पर 21 सितंबर 2026 को अपलोड किए गए वीडियो न्यूज में वायरल क्लिप में मौजूद जाली तोड़ने वाले एक हिस्से को देखा जा सकता है। खबर के मुताबिक, यह मामला हैदराबाद के टैंक बंड एरिया का है।

वेबसाइट ‘hyderabadnewshunt’ पर 21 सितंबर 2026 को एक रिपोर्ट छपी थी, जिसमें वायरल घटना से संबंधित फोटो भी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, “हैदराबाद के हुसैन सागर में गणेश विसर्जन पर रोक के खिलाफ टैंक बंड में हो रहा विरोध-प्रदर्शन तब तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस ने भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। समिति ने विसर्जन पर रोक वाले बैनर पर एतराज जताया।”

‘डेक्कन क्रॉनिकल’ में 21 सितंबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, “जलाशयों में पीओपी मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगाने के हाई कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए हुसैन सागर के किनारों पर अस्थायी बैरिकेड लगाए गए थे। हालां‍क‍ि, टैंक बंड पर भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति ने अस्थायी बैरिकेड हटा दिए थे और मंडप आयोजकों से मूर्तियों को हमेशा की तरह विसर्जन के लिए झील पर लाने को कहा था। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।”

इस बारे में हमने तेलंगाना में हैदराबाद के स्थानीय पत्रकार श्री हर्ष से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो तेलंगाना का है। यहां टैंक बंड पर मूर्ति विसर्जन को लेकर हंगामा हुआ था। यह वीडियो उसी घटना का है।

क्या है संदर्भ?

नदियों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए दिल्ली समेत देश के कुछ राज्यों में पीओपी से बनी मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगी हुई है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की 16 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ”दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमिटी ने यमुना और दूसरे पानी के स्रोतों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। नियम तोड़ने वालों पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। 9 सितंबर का यह निर्देश वॉटर (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट, 1974 के तहत जारी किया गया था। इसके तहत, पीओपी की मूर्तियों को सिर्फ लोकल बॉडी या अथॉरिटी द्वारा तय जगहों पर ही विसर्जित किया जाना चाहिए। हालांकि, DPCC ने कहा है कि यह रोक सभी तरह के मूर्ति विसर्जन के लिए है।”

‘तेलंगाना टुडे’ की 15 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट में लिखा है कि हैदराबाद पुलिस ने हुसैन सागर और पूरे शहर में फ्लेक्स बैनर और जागरूकता बोर्ड लगाए हैं। इनमें श्रद्धालुओं और आयोजकों को चेतावनी दी गई है कि वे पीओपी से बनी गणेश प्रतिमाओं का नद‍ियों में विसर्जन न करें। कर्नाटक में भी इस तरह की मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगी हुई है।

वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। अगस्त 2019 में बने इस एक्स अकाउंट के 42 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: तेलंगाना के जलाशयों में पीओपी मूर्तियों के विसर्जन पर रोक के हाई कोर्ट के निर्देश के बाद हुसैन सागर झील के किनारे जालियां लगाई गई थीं, लेकिन भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान जाल‍ियों को तोड़ दिया। उस घटना के वीडियो को कर्नाटक का बताकर शेयर किया जा रहा है। 

  • Claim Review : कर्नाटक सरकार ने नदी प्रदूषित होने से बचाने के लिए विसर्जन पर रोक लगाई, लेकिन लोगों ने जालियां तोड़ दीं।
  • Claimed By : X User- kapil bishnoi
  • Fact Check : झूठ

Our Sources

  1. Video posted by YT@9Plus News, Dated 21 sep 2026
  2. News Report by Hyderabad News Hunt, Dated 21 sep 2026
  3. News Report by Deccan Chronicle, Dated 21 sep 2026 
  4. News Report by Times Of India, Dated 16 sep 2026
  5. News Report by Telangana Today, Dated 15 sep 2026
  6. News Report by The Hindu, Dated 11 sep 2026

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