IND vs AFG : भारत में क्रिकेट का इतिहास काफी पुराना है. टीम इंडिया ने अपना पहला आधिकारिक मैच 5 जून 1932 को खेला था. इस मुकाबले में उसकी टक्कर इंग्लैंड के लाख हुई थी, जहां भारत को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के हाथों हार मिली थी. ये मुकाबला टेस्ट फॉर्मेट में खेला गया था. तब भारतीय क्रिकेट टीम को दुनिया की सबसे कमजोर टीमों में से एक माना जाता था.
साल 1983 में भी भारतीय क्रिकेट टीम को सभी हल्के में लेते थे, लेकिन कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 1983 का वर्ल्ड कप जीता और बता दिया कि, टीम इंडिया कमजोर नहीं है. अब समय बदल गया है. भारत के पास 2 वनडे वर्ल्ड कप हैं और 3 टी20 वर्ल्ड कप हैं. इस दौरान कई बड़े-बड़े खिलाड़ी आए और कई खिलाड़ी चले गए. लेकिन एक प्रक्रिया कभी नहीं बदली.
ये प्रक्रिया है टीम के चयन की. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) टीम का चयन करता है. भारतीय सिलेक्टर्स उन खिलाड़ियों की चुनते हैं, जिनको भारत के लिए खेलना होता है. उसके बाद बीसीसीआई के द्वारा उन खिलाड़ियों के नाम का ऐलान होता है. ऐसा ही बीते मंगलवार यानी 1 सितंबर को हुआ.
बीसीसीआई ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जाने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए मंगलवार भारत के स्क्वाड का ऐलान कर दिया है. 13 सितंबर से शुरू होने वाली इस सीरीज के लिए 4 ऐसे खिलाड़ियों को चुना गया है, जो पूरी तरह से चयन के समय तक फिट नहीं थे. ऐसे में सवाल उठता है कि क्यों अनफिट खिलाड़ियों की टीम में चुना गया है. इसकी क्या वजह है. तो आज हम आपको इस सवाल का जवाब देने वाले हैं.
— ICC (@ICC) September 1, 2026
इन 4 अनफिट खिलाड़ियों को मिला स्क्वाड में चांस
अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर को शामिल किया गया है. इन खिलाड़ियों के नाम के आगे (*) लगाया गया है. ये स्टार बताता है कि ये खिलाड़ी अनफिट हैं. ये चारों खिलाड़ी अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हैं. इनकी फिटनेस अभी चिंता का विषय है. इन खिलाड़ियों को टीम में खिलाया तभी जाएगा, जब ये फिटनेस टेस्ट पूरी तरह क्लियर कर लेंगे.
अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारत का स्क्वाड
श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेट कीप), ईशान किशन (विकेट कीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी*, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा*.
India’s squad for Afghanistan T20I series announced. #TeamIndia will play three T20Is against Afghanistan at New Delhi, beginning September 13.#AFGvINDpic.twitter.com/UqTUeZyHz8
— BCCI (@BCCI) September 1, 2026
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अनफिट खिलाड़ियों को स्क्वाड में क्यों चुना है. ये सवाल हर क्रिकेट फैंस के मन में है. तो हम आपको बता दें कि, इसके कई अलग-अलग कारण हैं. क्योंकि बीसीसीआई ने कुछ नए मापदंड लागू किए हैं, जिनके अनुसार अब उन नए प्लान के तहत अनफिट प्लेयर्स को मौका दिया जाएगा. ये नियम क्या हैं, जिनके तहत अनफिट खिलाड़ियों को मौका मिला है, आइए जानते हैं.
बीसीसीआई पिछले महीन में बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को खिलाड़ियों को लेकर अलग और नए नियम बनाए हैं. इन नियमों के तहल प्लेयर की इंजरी मैनेजमेंट किया जाएगा. क्योंकि हर्षित राणा के चोट के बाद टीम में लौटने और फिर से चोटिल हो जाने के बाद बीसीसीआई की आलोचना हुई थी क्योंकि हर्षित राणा अगर पूरी तरह फिट नहीं थे तो उनको टीम में वापस क्यों लगाया गया. ऐसी स्थिति से बचने के लिए बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की फिटनेस जांचने का नया और कड़ा पैमाना तैयार किया है.
फिटनेस 200 परसेंट अनिवार्य
बीसीसीआई पहले खिलाड़ियों के चयन के लिए फिटनेस का पैमाना 100 प्रतिशत रखा था, जब कोई खिलाड़ी अगर 100 प्रतिशत ठीक हो जाता था तो उसका टीम में चयन पक्का हो जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि अब ताज मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार खिलाड़ी को टीम में तभी चयनित किया जाएगा जब वो 200 प्रतिशत फिट होगा और चोट से उभर चुका होगा. ऐसे में खिलाड़ी की मैच-फिटनेस 200 प्रतिशत होना जरुरी है.
— BCCI (@BCCI) July 7, 2026
खिलाड़ी को चयन के लिए उपलब्ध होने के लिए 200 प्रतिशत ठीक होना जरूरी है लेकिन इसमें एक पेंच फंसा हुआ है. किसी भी प्लेयर को मैच फिटनेस 200 प्रतिशत मैच के दिन से पहले पूरी करनी है. ऐसे में अगर वो चयन से कुछ सयम पहले तक 200 प्रतिशत फिट नहीं है, तब भी उसको टीम में सिलेक्ट किया जा सकता है. जब वो 100 प्रतिशत फिट होगा.
— BCCI (@BCCI) June 28, 2026
इस पूरे मामले पर बीसीसीआई के सचिव देवाजीत सैकिया ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अनफिट खिलाड़ियों को लगाता टीम में मौका दिए जाने पर बड़ा बयान दिया है. सैकिया ने कहा कि, 'यदि कोई खिलाड़ी 21 या 28 दिनों की चयन अवधि के दौरान पूरी तरह ठीक हो जाता है तो उसे टीम में शामिल कर लिया जाएगा. हम किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए खारिज नहीं करते क्योंकि वह चयन वाले दिन फिट नहीं है क्योंकि जब तक मैच खेलने का समय आएगा तब तक वह पूरी तरह फिट हो सकता है'.
आपको बता दें कि, अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए अक्सर टीम का चयन 3-4 सप्ताह पहले ही कर दिया जाता है. ऐसे में खिलाड़ी उस समय भले ही पूरी तरह फिट नहीं हो लेकिन वो मैच होने वाले दिन तक पूरी तरह फिट हो सकता है. ऐसे में उसका चयन कर लिया जाता है कि, शायद वो मैच के कुछ दिन पहले पूरी तरह से फिट हो जाएगा.
ये भी पढ़ें :IND vs AFG : इन 4 खिलाड़ियों पर लटकी तलवार, स्क्वाड का ऐलान होने के बावजूद भी बाहर होने का खतरा बरकरार