
टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय दीपांशु ने कर दिया कमालImage Credit source: Instagram/deepanshu_shokeen001
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) के चुनाव में ABVP ने एक बार फिर जलवा दिखाते हुए चार में से तीन पदों पर कब्जा जमा लिया. लेकिन एक सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा. दीपांशु शौकीन जिन्हें उनकी पार्टी NSUI ने टिकट देने से मना कर दिया तो वह निर्दलीय ही मैदान में उतरे. उपाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी ठोंकने वाले दीपांशु ने ABVP और NSUI को चौंकाते हुए बड़ी जीत अपने नाम कर ली.
छात्र संघ चुनाव में यश डबास ने अध्यक्ष पद तो रिया छाबड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर कब्जा जमाया. वहीं, उपाध्यक्ष पद पर चुनाव जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन पहले NSUI से जुड़े हुए थे लेकिन टिकट नहीं मिलने की स्थिति में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया. चुनाव में दीपांशु का प्रदर्शन गजब का रहा.
उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन की जीत
उपाध्यक्ष पद का नतीजा चुनाव का अहम हिस्सा रहा. निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. ABVP के ईशू मौर्य को 16,910 वोट और NSUI के वीर चतरथ को 4,313 वोट मिले. दीपांशु शौकीन पहले NSUI से जुड़े थे और पार्टी से टिकट मिलने की उम्मीद कर रहे थे. टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया.
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा
चुनाव से पहले दीपांशु शौकीन को NSUI के संभावित उम्मीदवारों में माना जा रहा था. हालांकि, उन्हें टिकट नहीं मिला और संगठन ने वीर चतरथ को उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया. इसके बाद दीपांशु ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया. मतगणना शुरू होने के बाद से ही वह उपाध्यक्ष पद की दौड़ में आगे रहे और अंत में जीत हासिल की.
नंगे पैर किया था चुनाव प्रचार
दीपांशु शौकीन का चुनाव प्रचार भी चर्चा में रहा. रिपोर्टों के मुताबिक, सत्य निकेतन हादसे के बाद उन्होंने छात्रों की समस्याओं और न्याय की मांग को लेकर नंगे पैर प्रचार किया. छात्र आवास और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे उनके अभियान में प्रमुख रहे.
विशेष यादव ने भी मुकाबले को बनाया दिलचस्प
संयुक्त सचिव पद पर समाजवादी छात्र सभा से जुड़े निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव ने भी शुरुआती और बीच के चरणों में मजबूत प्रदर्शन किया. मतगणना के दौरान वह ABVP और NSUI उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देते नजर आए. इससे संयुक्त सचिव पद का मुकाबला भी काफी रोचक रहा. हालांकि, अंतिम नतीजे में ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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