Delhi Riots Verdict: दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगों पर कोर्ट के फैसला आ चुका है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने इस पर बयान देते हुएं कहा कि जांच, सबूत और साक्ष्यों के आधार पर ही फैसला लिया गया है.
Published byNamrata Mohanty
Delhi Riots Verdict: दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगों पर कोर्ट के फैसला आ चुका है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने इस पर बयान देते हुएं कहा कि जांच, सबूत और साक्ष्यों के आधार पर ही फैसला लिया गया है.
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Satish Golcha on Delhi Riots Photograph: (Satish Golcha on Delhi Riots)
Delhi Riots Verdict: साल 2020 के दिल्ली दंगा मामलों में अदालत के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा का बड़ा बयान सामने आया है. बता दें कि 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के कारण इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या हुई थी. इस पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला पेशा किया है. कोर्ट ने इस मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और उनके पांच साथियों को आरोपी करार करते हुए दोषी मान लिय है. इस पूरे मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल में थे. इनमे से 6 आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया है. ताहिर हुसैन के साथ नाजिम, जावेद, कासिम और अनस भी दोषी पाए गए हैं. 2020 के दंगों के दौरान स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस के रूप में कानून व्यवस्था संभालने वाले और जांच का नेतृत्व कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि दंगों के दौरान दिल्ली पुलिस की पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और हर मामले की निष्पक्ष, साक्ष्य आधारित तथा पेशेवर जांच सुनिश्चित करना थी.
सतीश गोलचा ने क्या कहा?
सतीश गोलचा ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने हर स्तर पर विश्वसनीय सबूत जुटाने का प्रयास किया और जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले, उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद उन्हें इस बात का संतोष है कि जांच टीम की कड़ी मेहनत और पेशेवर कार्यशैली न्यायिक कसौटी पर खरी उतरी है.
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दिल्ली पुलिस की कडी मेहनत रंग लाई
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा, "दिल्ली दंगों के दौरान हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और निष्पक्ष, साक्ष्य आधारित जांच करना थी. हर संभव प्रयास किया गया कि विश्वसनीय सबूत जुटाए जाएं और जिम्मेदार लोगों को कानून के सामने लाया जाए. अदालत के फैसले से यह संतोष मिला है कि जांच टीम की मेहनत और पेशेवर कार्यशैली न्यायिक समीक्षा में सफल रही है.
2020 के दंगों को कानूनी रूप से कार्रवाई होगी
उन्होंने दोहराया कि दिल्ली पुलिस साल 2020 के दंगों से जुड़े सभी मामलों में कानून के मुताबिक कार्रवाई जारी रखेगी. उनका कहना था कि जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत न्याय के कटघरे तक पहुंचाया जाएगा.
तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित रही है. पुलिस ने भरोसा जताया कि भविष्य में भी दंगों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और प्रभावी अभियोजन के जरिए दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे.
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