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Delhi PG Hostel Rules: छात्रों के लिए बड़ा अपडेट, सुरक्षा पर कमेटी का फोकस

September 16, 2026

दिल्ली में PG और हॉस्टल की सुरक्षा व सुविधाओं के लिए 20 सदस्यीय कमेटी बनी है। DU हॉस्टल के नए डिजाइन और मास्टर प्लान के तहत निर्माण पर भी विचार होगा।

नई दिल्ली। दिल्ली में बाहर से आकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को बताया कि पीजी (PG) और हॉस्टल के नियमों को बेहतर बनाने के लिए एक खास कमेटी काम कर रही है। इस कमेटी में पुलिस, MCD, DDA और कई यूनिवर्सिटीज के अधिकारी शामिल हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए सूद ने कहा, "हमने पीजी और कोचिंग संस्थानों को सही तरीके से चलाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की है। मीटिंग में बिल्डिंग की मजबूती, आग से सुरक्षा (फायर सेफ्टी), छात्रों की मेंटल हेल्थ और उनकी आम सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बात हुई। कुछ विभागों को एक पोर्टल बनाने का काम सौंपा गया है, ताकि सारा डेटा एक जगह इकट्ठा किया जा सके। सरकार जल्द ही ऐसी सुविधाएं बढ़ाएगी जिससे बाहर से आने वाले छात्रों को रहने में कोई दिक्कत न हो।"

मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने मास्टर प्लान के कई नियमों में ढील दी है। अब दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के हॉस्टल्स को नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम देख रहे हैं कि नए मास्टर प्लान के तहत खाली जमीन का बेहतर इस्तेमाल कैसे हो सकता है। इसमें फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) बढ़ाने पर भी विचार हो रहा है। मैंने आज ही वाइस-चांसलर (VC) से मुलाकात की है और उन्हें एक हफ्ते के अंदर यह पता लगाने को कहा है कि नए प्लान के तहत कितना कंस्ट्रक्शन किया जा सकता है। साथ ही, यह भी तय करना है कि कितनी जगह पढ़ाई के लिए (एकेडमिक ब्लॉक) और कितनी हॉस्टल के लिए इस्तेमाल होगी। पुरानी बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी को लेकर भी गंभीरता से चर्चा चल रही है।"

आपको बता दें कि राजधानी में छात्रों के रहने की जगह की कमी और सुरक्षा को सुधारने के लिए 20 सदस्यों वाली एक हाई-पावर कमेटी बनाई गई है। मंगलवार को आशीष सूद ने इसी कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता की। सूद की अगुवाई वाले इस पैनल को अपनी सिफारिशें देने के लिए 60 दिन का समय मिला है। इस टीम में दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, MCD, NDMC, DDA के सीनियर अधिकारियों के साथ-साथ कई यूनिवर्सिटीज के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। मंत्री ने साफ किया कि दिल्ली सरकार छात्रों को एक सुरक्षित माहौल देने के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। इसके लिए एक ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा है जो प्रैक्टिकल भी हो और संतुलित भी।

दिल्ली में बाहर से आकर पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने की जगह खोजना हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में इस कमेटी का काम बहुत अहम हो जाता है। सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि छात्रों के लिए हॉस्टल और पीजी ज्यादा सुरक्षित हों, आसानी से मिलें और उनकी जरूरतों के हिसाब से हों।