दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये सीधे बैंक खाते में मिलेंगे। पोर्टल खुलते ही 12 घंटे के भीतर 33,730 से अधिक आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं।
Delhi Lakshmi Scheme : दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर राज्य की महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आधिकारिक पोर्टल चालू होने के शुरुआती 12 घंटों के भीतर 33,730 से अधिक महिलाओं ने अपना ऑनलाइन पंजीकरण पूरा कर लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सीधे वित्तीय मदद देकर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
इस योजना के तहत पात्र पाई गई हर महिला को प्रतिमाह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि लाभार्थी के सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि योजना की शुरुआत में ही महिलाओं का ऐसा रुझान यह स्पष्ट करता है कि यह कदम राज्य में महिला सशक्तिकरण की बुनियाद को मजबूत करेगा।
योजना में भाग लेने के लिए सरकार ने उम्र और पारिवारिक स्थिति के कड़े पैमाने तय किए हैं। आवेदक महिला की उम्र 21 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही महिला का अपने परिवार में सबसे बड़ी महिला सदस्य होना अनिवार्य रखा गया है ताकि सहायता राशि का सीधा लाभ परिवार के प्रबंधन में लगे मुख्य व्यक्ति तक पहुंचे।
आर्थिक सीमा निर्धारित करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस शर्त का उद्देश्य केवल उन परिवारों को सहायता दायरे में लाना है जो आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी होने के प्रमाण पत्र के नियमों को बेहद सख्त बनाया गया है। आवेदक महिला, उसके पति या उसके माता-पिता में से किसी एक को कम से कम बीते 10 वर्षों से दिल्ली में लगातार निवास करना होगा। आवेदक का दिल्ली का पंजीकृत वोटर होना पूरी तरह अनिवार्य किया गया है।
बिजली खपत को लेकर भी मानक तय किए गए हैं। आवेदक परिवार की बीते 12 महीनों के दौरान कुल बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर बिजली खपत इस तय सीमा को पार करती है तो आवेदक महिला इस वित्तीय मदद के लिए अयोग्य मानी जाएगी।
सरकारी सेवा या अन्य वित्तीय लाभ ले रहे परिवारों को इस योजना से बाहर रखा गया है। परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के अधीन कार्यरत नहीं होना चाहिए। आवेदक या उसके परिवार को किसी अन्य सरकारी पेंशन या वित्तीय सहायता योजना का लाभ भी नहीं मिलना चाहिए।
वाहन ownership और पारिवारिक आकार पर भी स्पष्ट रोक लगाई गई है। जिस परिवार के पास कोई भी चार पहिया वाहन उपलब्ध है, उस परिवार की महिला इस योजना का लाभ नहीं ले सकती। आवेदक महिला के तीन से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए और उस पर किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया में सांसद या विधायक की सिफारिश को अनिवार्य अंग बनाया गया है। आवेदकों को फॉर्म भरते समय अपने क्षेत्र के संबंधित सांसद (MP) या विधायक (MLA) का आधिकारिक समर्थन पत्र संलग्न करना होगा। इसके बिना आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर कई दस्तावेजों को मान्य श्रेणी में रखा गया है। 10 साल के निवास प्रमाण पत्र के लिए वोटर आईडी, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या बिजली-गैस का बिल जमा किया जा सकता है। आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, पैन कार्ड या वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। आवेदकों को सबसे पहले पोर्टल पर अपनी पात्रता की जांच करनी होगी। इसके बाद व्यक्तिगत विवरण, परिवार के सदस्यों की जानकारी और बैंक अकाउंट डिटेल्स भरनी होंगी।
दस्तावेज अपलोड करने के चरण में आवेदक को अपनी पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर, पते व आय के दस्तावेज और जनप्रतिनिधि का समर्थन पत्र स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करना होगा। आवेदन फाइनल सबमिट होने के बाद उत्पन्न हुई डिजिटल रसीद को भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखना अनिवार्य है।