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अभिजीत सिंह | गोरखपुर5 घंटे पहले
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए अब अभियान को और तेज करेगा। विश्वविद्यालय नशा मुक्ति को लेकर 100 दिनों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा। इसके तहत कैंपस के साथ युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में हुई ऑनलाइन समीक्षा बैठक में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इसकी जानकारी दी।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा की। बैठक में विश्वविद्यालयों की ओर से अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी ली गई। राज्यपाल ने साफ किया कि नशे के खिलाफ अभियान में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राओं को इससे जोड़कर इसे जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया जाए।

कुलपति ने प्रेजेंटेशन में बताईं DDU की उपलब्धियां
DDU की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए विश्वविद्यालय में चल रहे नशा मुक्ति अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में कैंपस से लेकर युवाओं के बीच नशे के नुकसान को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम किए गए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से नशा मुक्ति को लेकर रैलियां निकाली गईं, छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई और वर्कशॉप व संगोष्ठियां आयोजित की गईं।
इन गतिविधियों में NSS, NCC और रोवर्स-रेंजर्स को भी शामिल किया गया। विश्वविद्यालय के मुताबिक इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव समझाने के साथ उनमें स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

राज्यपाल का फोकस- कैंपस से समाज तक पहुंचे अभियान
समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से नशा मुक्ति अभियान को केवल कैंपस की गतिविधियों तक सीमित नहीं रखने को कहा। उन्होंने युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को समाज के बीच ले जाने और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में 2 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत–2047’ अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। इसमें विश्वविद्यालय के अधिक से अधिक विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
100 दिनों के लिए तैयार होगा पूरा रोडमैप कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि DDU नशा मुक्ति अभियान को लगातार आगे बढ़ाएगा। इसके लिए अब 100 दिनों का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्ययोजना के जरिए अभियान को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और अधिक संख्या में विद्यार्थियों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने की तैयारी है।
ऑनलाइन बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण के साथ NSS, NCC और रोवर्स-रेंजर्स के समन्वय अधिकारी भी मौजूद रहे। आने वाले दिनों में इन्हीं इकाइयों के जरिए छात्र-छात्राओं की भागीदारी बढ़ाकर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
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