नोडल साइबर पुलिस ने महिंद्रा हॉलीडेज एंड रिसॉर्ट्स इंडिया लिमिटेड (MHRIL) से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटें और ईमेल आईडी बनाकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले अज्ञात जालसाजों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह ठग कंपनी के मौजूदा सदस्यों को मेंबरशिप अपग्रेड करने और वार्षिक सदस्यता शुल्क पर भारी छूट देने का झांसा देकर अपना शिकार बना रहे थे। गौरतलब है कि MHRIL अपनी आधिकारिक वेबसाइट, clubmahindra.com के माध्यम से पूरे देश में हॉस्पिटैलिटी सेवाएं संचालित करती है, जो 1.60 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक के मेंबरशिप पैकेज प्रदान करती है। इसके अलावा सदस्यों को हर साल 18,000 रुपये से लेकर 22,000 रुपये तक के वार्षिक नवीनीकरण सदस्यता शुल्क का भुगतान भी करना होता है, इसी का फायदा उठाकर ठगों ने जाल बुना।
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ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा 23 जून को तब हुआ, जब क्लब महिंद्रा के एक सदस्य राज्तेश गांगुली ने कंपनी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 16 मई को अपनी मेंबरशिप अपग्रेड कराने के लिए 1.26 लाख रुपये का भुगतान किया था, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें कंपनी की तरफ से कोई कन्फर्मेशन नहीं मिला। इस शिकायत के बाद जब कंपनी ने इंटरनल वेरिफिकेशन किया, तो चौंकाने वाली बात सामने आई। कंपनी को न तो गांगुली की तरफ से कोई भुगतान प्राप्त हुआ था और न ही मेंबरशिप अपग्रेड का कोई अनुरोध मिला था।
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ठगों ने ऐसे की धांधली
पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला कि गांगुली की तरह ही कई अन्य लोगों को भी इसी अंदाज में चपत लगाई गई थी। मामला सामने आते ही कंपनी की आईटी टीम तुरंत हरकत में आई और उन्होंने एक धोखाधड़ी वाले डोमेन 'mahindraholidaysandresorts.com' का पता लगाकर उसे ब्लॉक करवा दिया। हालांकि, ठग इतने शातिर थे कि जांचकर्ताओं ने पाया कि ठीक अगले ही दिन उन्होंने एक और भ्रामक डोमेन 'mahindraholidaysandresort.com' रजिस्टर करा लिया। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, इन ठगो ने फर्जी ईमेल पते तैयार किए और खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर ग्राहकों से बात की। इनमें एक शख्स मोबाइल पर खुद को 'सुनील' बताता था, जबकि दूसरा व्यक्ति 'मनीष पांडे' बनकर खुद को रिलेशनशिप मैनेजर होने का दावा करता था।
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पुलिस ने क्या बताया?
- इन फर्जी अधिकारियों ने क्लब महिंद्रा के मौजूदा सदस्यों से संपर्क साधकर उन्हें वार्षिक सदस्यता शुल्क और मेंबरशिप अपग्रेड पर छूट के झूठे ऑफर दिए थे।
- पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, शशि शर्मा, मोहित सक्सेना, असित राणा, अजय अग्रवाल, निमल गोयल और प्रदीप बोहरा सहित कई ग्राहकों ने इन ठगों के झांसे में आकर लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए।
- पुलिस ने बताया कि यह सारा पैसा थर्ड-पार्टी पेमेंट गेटवे के माध्यम से भेजा गया था। इस पर कंपनी ने पूरी तरह स्पष्ट किया है कि ये गेटवे उसकी ओर से किसी भी तरह की सदस्यता शुल्क या वार्षिक सब्सक्रिप्शन शुल्क एकत्र करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
- शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने ग्राहकों को ठगने की एक सोची-समझी आपराधिक साजिश के तहत फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाए और कंपनी के असली अधिकारी बनकर इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।