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CM Vijay: राज्य में जन्म लेने वाले बच्चों को गिफ्ट मिलेगी सोने की अंगूठी, स्वतंत्रता दिवस पर CM विजय का एलान

August 15, 2026

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक नई योजना का एलान किया। इस योजना के तहत राज्य में पैदा होने वाले बच्चों को उपहार में सोने की अंगूठी दी जाएगी। यह योजना 15 सितंबर से लागू होगी और इस योजना में करीब 755 करोड़ रुपये की लागत आएगी।



सीएम विजय ने क्या एलान किया?


सीएम विजय ने अपने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए भाषण में कहा, 'भ्रष्टाचार खत्म करना आजादी के बराबर है। सरकार इस लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। हम अपनी सरकार के खिलाफ काम करने वाली ताकतों और साजिशों को हराएंगे। 15 सितंबर को नवजात शिशुओं के लिए 755.83 करोड़ रुपये की लागत से सोने की अंगूठी उपहार योजना शुरू की जाएगी।'

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मुख्यमंत्री विजय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उन नीतियों का विरोध करना जारी रखेगी, जो उसकी राय में राज्य के अधिकारों को कमजोर करती हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के साथ प्रशासनिक सहयोग बनाए रखने की बात भी कही। अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में सीएम विजय ने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटना आजादी का पहला अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार इस उद्देश्य की दिशा में काम कर रही है।

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सरकारी राजस्व को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए कदम उठाए


मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी राजस्व को निजी लोगों को हाथों में जाने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। साथ ही सभी सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। तमिलनाडु के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में अभिनेत्री तृषा, विजय के पिता चंद्रशेखर और तमिलनाडु के मंत्रियों ने हिस्सा लिया।



अपने संबोधन की शुरुआत में सीएम विजय ने लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, मैं उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। उन्होंने आगे कहा, 'जब लोगों को यह एहसास होता है कि उनके साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, तो उनमें एकता की भावना पैदा होती है। सभी लोग एक साथ आने लगते हैं। जातिगत भेदभाव खत्म हो जाता है, और जब जाति और धार्मिक भेद मिट जाते हैं और सभी लोग एक साथ आ जाते हैं, तो वही सच्ची स्वतंत्रता है।'