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CJP आंदोलन को मिला सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का साथ, संविधान की प्रस्तावना पढ़कर जताया समर्थन

July 23, 2026

देश

  • Edited by: मोनू झा
  • Updated Jul 23, 2026, 04:42 PM IST

CJP Protest: दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह, एस मुरलीधर और एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह की अगुवाई में यह कदम 'सेव डेमोक्रेसी, सेव कॉन्स्टिट्यूशन' अभियान के तहत उठाया गया।

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छात्रों के समर्थन में उतरे सुप्रीम कोर्ट के वकील

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PTI

CJP Protest: देश में पेपर लीक और परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों को अब देश की सर्वोच्च अदालत के वकीलों का भी मजबूत साथ मिल गया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट परिसर में वकीलों ने एकजुट होकर संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। यह पूरा कार्यक्रम 'सेव डेमोक्रेसी, सेव कॉन्स्टिट्यूशन' (लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ) अभियान के तहत आयोजित किया गया था, जिसका मकसद जंतर-मंतर (Jantar Mantar Protest) पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर करना और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध करना था।

सुप्रीम कोर्ट में दोपहर के लंच ब्रेक के दौरान कई प्रमुख वकीलों ने इसमें हिस्सा लिया। वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और एस. मुरलीधर ने प्रस्तावना के पाठ का नेतृत्व किया। इस दौरान 'सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन' के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील विकास सिंह भी वहां मौजूद रहे।

'न्याय के मंदिर से छात्रों के लिए मांग रहे न्याय'

मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि वकील यहां अपने किसी निजी मुद्दे के लिए इकट्ठा नहीं हुए हैं, बल्कि वे छात्रों के हक और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें न्याय दिलाना वकीलों का फर्ज है। सुप्रीम कोर्ट न्याय की चौखट है और इसी मंदिर से वे छात्रों के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

क्या है CJP आंदोलन?

परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ CJP आंदोलन पिछले कुछ समय से काफी चर्चा में है। छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। इस आंदोलन ने तब और जोर पकड़ लिया जब मशहूर पर्यावरणविद् व कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और आईसा से जुड़े छात्र संगठनों के सदस्य भी भूख हड़ताल पर बैठ गए। अब वकीलों के इस समर्थन से छात्रों के आंदोलन को और बल मिला है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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