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CJP के आंदोलन को मिला वकीलों का साथ, मार्च के दौरान 100 वकील हिरासत में, SCBA ने CJI से की हस्तक्षेप की मांग

October 10, 2026

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी दिल्ली में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और व्यापक हो गया है। छात्र और युवा संगठनों के आंदोलन के समर्थन में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली की विभिन्न अदालतों के वकीलों ने भी मोर्चा खोल दिया। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट परिसर से जंतर-मंतर की ओर विरोध मार्च निकाला, जिसे दिल्ली पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोकते हुए लगभग 100 वकीलों को हिरासत में ले लिया।

सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर कूच के दौरान पुलिस ने रोका, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भेजे गए वकील
मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए वकीलों का एक बड़ा जत्था जैसे ही सुप्रीम कोर्ट क्षेत्र से जंतर-मंतर के लिए रवाना हुआ, भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। शांतिपूर्ण मार्च कर रहे अधिवक्ताओं को पुलिस ने बसों में भरकर यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित अस्थायी डिटेंशन सेंटर भेज दिया।

हिरासत में ली गईं वरिष्ठ वकील और एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड सुमिता हजारिका ने कानूनी पोर्टल ‘बार एंड बेंच’ से बातचीत में पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों ने महिला वकीलों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। इसके साथ ही अधिवक्ताओं को सामान्य कैदी वैन में भरकर ले जाया गया, जो बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है।

SCBA ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की, CJI सूर्यकांत से लगाई गुहार
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने अधिवक्ताओं पर किए गए कथित बल प्रयोग और हिरासत की कार्रवाई पर कड़ा आक्रोश जताया है। बार एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव जारी कर दिल्ली पुलिस के इस रवैये की तीव्र भर्त्सना की।

एसोसिएशन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। SCBA ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया कि वे संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे हस्तक्षेप कर हिरासत में लिए गए सभी वकीलों की सुरक्षा, सम्मान और तत्काल रिहाई सुनिश्चित कराएं।

CJI के दखल की खबर, रिहाई के निर्देश जारी
इस बीच शीर्ष न्यायिक गलियारों से यह जानकारी सामने आई है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया है। सीजेआई ने पुलिस प्रशासन को हिरासत में लिए गए सभी अधिवक्ताओं को अविलंब रिहा करने के निर्देश दिए हैं। राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी इस प्रदर्शन में कानूनी बिरादरी के उतरने से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव और अधिक बढ़ गया है।

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