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Chhatarpur Love Marriage Dispute: भैया बने सैंया, पति के दोस्त से हुआ प्यार, पहली लव मैरिज का 9 साल में ब्रेकअप, जानें क्या है पूरी कहानी

September 18, 2026

Chhatarpur Love Marriage Dispute: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में लव मैरिज के करीब 9 साल बाद पति-पत्नी के रिश्ते में ऐसा मोड़ आया, जिसने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। एक युवती ने वर्ष 2016 में परिवार के विरोध के बावजूद गांव के ही युवक से लव मैरिज की थी। दोनों का एक करीब 8-9 साल का बेटा भी है। यह पूरा मामला ईसानगर थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, प्रदुम सिंह वर्तमान में ईसानगर की श्रीराम कॉलोनी में अपने बड़े भाई, माता, पत्नी और बच्चे के साथ रहते थे। इसी दौरान प्रदुम के करीबी दोस्त सुमित अग्रवाल का उनके घर आना-जाना था। प्रदुम के अनुसार, सुमित उनकी पत्नी शिवानी को बहन मानता था और राखी भी बंधवाता था।

दोस्ती के रिश्ते पर उठे सवाल

बताया गया कि कुछ समय बाद प्रदुम सिंह को शिवानी और सुमित अग्रवाल के बीच नजदीकियों की जानकारी हुई। प्रदुम के आवेदन के अनुसार, दोनों को साथ देखे जाने के बाद मामला सामने आया और इसके बाद 17 सितंबर को दोनों को ईसानगर थाने ले गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने बयान हैं।

Chhatarpur Love Marriage Dispute

शिवानी के बयान ने सबको चौंका दिया

17 सितंबर 2026 को शिवानी परिहार की ओर से ईसानगर थाने में दिए गए आवेदन में उन्होंने अपनी इच्छा से पति प्रदुम सिंह परिहार से अलग होकर सुमित अग्रवाल के साथ रहने की बात कही। आवेदन में शिवानी ने यह भी कहा कि वह अपने वर्तमान जीवन को लेकर स्वयं निर्णय लेना चाहती हैं और सुमित अग्रवाल से विवाह करना चाहती हैं। उन्होंने आवेदन में किसी व्यक्ति की ओर से दबाव, धमकी या जबरदस्ती किए जाने से इनकार करते हुए अपनी इच्छा से सुमित के साथ रहने की बात कही। आवेदन में शिवनी ने पति प्रदुम सिंह परिहार, उनके साथ रह रहे बच्चे और उनकी चल-अचल संपत्ति से भविष्य में कोई संबंध अथवा अधिकार नहीं रखने की बात भी लिखी है।

पति प्रदुम सिंह ने भी दिया आवेदन

वहीं प्रदुम सिंह परिहार ने भी थाने में आवेदन देकर बताया कि उनका शिवानी दुबे से करीब 8-9 वर्ष पूर्व प्रेम विवाह हुआ था और दोनों का एक पुत्र है। प्रदुम के अनुसार, पिछले कुछ समय से शिवानी की सुमित अग्रवाल के साथ नजदीकियों को लेकर उन्हें जानकारी मिली। इसके बाद 17 सितंबर को शिवानी और सुमित को ईसानगर थाने ले गया। प्रदुम ने अपने आवेदन में बताया कि सुमित के परिजनों- बड़े भाई मोनू अग्रवाल, बहनों अर्चना अग्रवाल और गुड़िया अग्रवाल की मौजूदगी में शिवानी को सुमित के साथ रहने के लिए सौंपा गया।

Chhatarpur Love Marriage Dispute

पति ने बेटे को अपने पास रखने की बात

प्रदुम सिंह ने आवेदन में अपने पुत्र को अपने पास रखने की बात कही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 17 सितंबर 2026 से शिवानी और सुमित का उनके पुत्र तथा उनकी संपत्ति से कोई संबंध नहीं रहेगा। हालांकि, किसी व्यक्ति के वैधानिक अधिकार केवल इस तरह के आवेदन से स्वतः समाप्त होते हैं या नहीं, यह संबंधित कानून और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करता है।

सुरक्षा को लेकर भी आवेदन

प्रदुम सिंह ने अपने आवेदन में यह आशंका भी जताई कि भविष्य में उनके परिवार को शिवानी, सुमित या उनके परिवार की ओर से कोई नुकसान न पहुंचे। उन्होंने किसी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित लोगों को जिम्मेदार ठहराए जाने की बात आवेदन में कही है। यह उनका आवेदन में किया गया दावा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच या सक्षम न्यायिक प्रक्रिया से ही हो सकेगी।

प्रेम विवाह और ब्रेकअप पर कई सवाल

2016 में परिवार के विरोध के बावजूद हुआ प्रेम विवाह करीब 9 साल बाद अलग मोड़ पर पहुंच गया। एक ओर पत्नी ने अपनी इच्छा से अलग होकर नया जीवन शुरू करने की बात कही है, तो दूसरी ओर पति ने अपने बेटे को अपने पास रखने और पत्नी से अलग होने की बात आवेदन में दर्ज कराई है। इस पूरे मामले ने परिवार, विवाह, व्यक्तिगत पसंद और बदलते रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

हालांकि, मामले का दूसरा पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है- किसी वयस्क महिला या पुरुष के व्यक्तिगत जीवन के फैसले को समझने से पहले संबंधित व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा, कानूनी स्थिति और उपलब्ध तथ्यों को देखना जरूरी है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से ईसानगर थाने में दिए गए आवेदनों के आधार पर मामला सामने आया है। पुलिस की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी।

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