CGPSC भर्ती घोटाले में ED ने बलरामपुर के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को PMLA के तहत गिरफ्तार किया है, वहीं कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की ED रिमांड पर भेजा।
CGPSC घोटाला मामले में गिरफ्तार अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया
- Published: 12 Sep 2026, 10:08 AM IST
- Last Updated: 12 Sep 2026, 10:08 AM IST
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले से जुड़े चर्चित धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को शुक्रवार, 11 सितंबर को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 6 दिन की ED रिमांड मंजूर की।
पूर्व मुख्यमंत्री के OSD रह चुके हैं चेतन
ED की ओर से कोर्ट में कथित तौर पर चेतन बोरघरिया और मामले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई WhatsApp चैट का हवाला दिया गया। जांच एजेंसी इन चैट और उनसे जुड़े तथ्यों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और लेनदेन की पड़ताल कर रही है। चेतन बोरघरिया वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD रह चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद CGPSC भर्ती घोटाले की जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है। ED अब उनकी भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ कथित संबंधों को खंगाल रही है।
परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, WhatsApp चैट में एक महिला अभ्यर्थी को परीक्षा से पहले प्रीलिम्स का कथित तौर पर 100 प्रतिशत मैच होने वाला पेपर उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। वहीं, मेन्स परीक्षा के पेपर के नाम पर करीब 70 लाख रुपये लिए जाने का भी दावा जांच में किया जा रहा है। ED अब इन कथित लेनदेन और परीक्षा से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर भी गिरफ्तार
CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED इससे पहले छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर चुकी है। अब चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी उनसे पूछताछ कर कथित भर्ती घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं और लेनदेन की जानकारी जुटाएगी।
6 दिन की ED रिमांड
विशेष अदालत ने चेतन बोरघरिया को 6 दिनों की ED रिमांड पर भेजा है। इस दौरान जांच एजेंसी उनसे कथित WhatsApp चैट, परीक्षा से संबंधित जानकारी, पैसों के लेनदेन और अन्य आरोपियों से उनके संपर्क को लेकर पूछताछ करेगी। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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