छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती और CGPSC-2025 को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता के विरोध में अभ्यर्थियों ने काले झंडे लेकर रैली निकाली। गांधी चौक से नेहरू चौक तक निकाले गए मार्च के दौरान उन्हो
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अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद का जल्द समाधान किया जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा पर रोक लगने से लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं की चिंता बढ़ गई है।
अभ्यर्थी का कहना है कि विवाद सुलझाकर भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू की जाए, ताकि उन्हें परीक्षा और नियुक्ति को लेकर स्पष्ट जानकारी मिल सके।

शिक्षक भर्ती और CGPSC-2025 पर रोक से नाराज अभ्यर्थियों ने काले झंडे लेकर रैली निकाली।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए यज्ञ भी किया।

लाउडस्पीकर पर नारे लगाए, सड़क पर बैठकर जताया विरोध
गांधी चौक से अभ्यर्थियों की रैली धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी। छात्र लाउडस्पीकर के जरिए अपनी मांगें उठाते रहे। बीच-बीच में वे सड़क पर बैठकर जोर-जोर से नारे लगाते और तालियां बजाते रहे।
आंदोलन में बड़ी संख्या में लड़कियां भी शामिल हुईं। कुछ अभ्यर्थी वॉलंटियर बनकर वाहनों के आने-जाने के लिए रास्ता बनाते नजर आए। अभ्यर्थियों ने पूरे जोश के साथ अपनी मांगें उठाईं और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
छात्रों ने गांधी चौक से नेहरू चौक तक करीब 3 किलोमीटर की रैली निकाली। इस दूरी को तय करने में उन्हें करीब दो घंटे लगे। छात्रों ने सरकार से इस्तीफे की मांग भी की।
CGPSC-2025 को लेकर भी जताई नाराजगी
प्रदर्शन में CGPSC-2025 के अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तय समय पर परीक्षा कराने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से युवाओं को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है और उन पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से शिक्षक भर्ती में आरक्षण विवाद का जल्द निराकरण करने, CGPSC-2025 की स्थिति स्पष्ट करने और दोनों प्रक्रियाओं को लेकर आगे की कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की।
दिव्यांग छात्र ट्राइसिकल से पहुंचा, बोला- परीक्षा रद्द होने से निराश हूं
रैली में ट्राइसिकल पर सवार बच्चन साहू भी शामिल हुआ। वह प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आगे-आगे चल रहा था। बच्चन ने बताया कि कई साल बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा में संस्कृत विषय को शामिल किया गया था। इससे उसे नौकरी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उसकी उम्मीद टूट गई। इससे वह काफी निराश हुआ। इसी वजह से वह खुद को आंदोलन में शामिल होने से रोक नहीं पाया।

नाराज अभ्यर्थियों ने निकाला कैंडल-मार्च
इससे पहले रविवार की रात अभ्यर्थियों ने गांधी चौक पर कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। युवाओं ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जल्द नई तारीख घोषित करने की मांग की।
उनका कहना है कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से युवाओं की मेहनत और भविष्य पर असर पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने आरक्षण विवाद का जल्द समाधान कर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी की।
रविवार देर शाम एकजुट होकर प्रतियोगी युवक-युवतियां गांधी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने मोमबत्ती जलाकर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान प्रतियोगियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए परीक्षा की प्रक्रिया में जानबूझकर गड़बड़ी करने और लेट-लतीफी करने का आरोप लगाया।