CG Ayushman Yojana Fraud:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। योजना के तहत फर्जी तरीके से मरीज भर्ती दिखाकर क्लेम करने की शिकायतों के बाद विभाग ने CG के 17 प्राइवेट अस्पतालों की जांच शुरू की थी। गड़बड़ी मिलने पर 2 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया।
2 अस्पतालों पर एक्शन
स्वास्थ्य विभाग ने मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल एंडवांस यूरोलॉजी सेंटर का नर्सिंग होम एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कैंसिल दिया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर ये कार्रवाई की गई है।
इन अस्पतालों में हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रायपुर के श्री अनंत साईं हॉस्पिटल, श्री महावीर अस्पताल-मोवा, वरदान हॉस्पिटल, मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लोटस हॉस्पिटल एंडवांस यूरोलॉजी सेंटर और रावतपुरा हॉस्पिटल में जांच की। टीम ने आयुष्मान योजना के तहत भर्ती दिखाए गए मरीजों से जुड़े डॉक्यूमेंट्स और क्लेम की जानकारी खंगाली।
17 अस्पतालों की जांच
SCH हॉस्पिटल (बस्तर)
अशोक प्रसूति मंदिर (बिलासपुर)
केयर एन क्योर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (बिलासपुर)
मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम (बिलासपुर)
श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (दुर्ग)
पल्स हॉस्पिटल (दुर्ग)
जय जगन्नाथ हेल्थ केयर (कबीरधाम)
नेताम हॉस्पिटल एंड इनफर्टिलिटी सेंटर (कोंडागांव)
हरि कृष्णा केयर हॉस्पिटल (कोरबा)
SRIMSR श्री रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल (रायपुर)
श्री अनंत साईं हॉस्पिटल (रायपुर)
श्री महावीर हॉस्पिटल (रायपुर)
श्रीनिवास हॉस्पिटल (रायपुर)
SK केयर हॉस्पिटल (रायपुर)
विजन सेंटर आई हॉस्पिटल (रायपुर)
DHT केयर हॉस्पिटल (सरगुजा)
वरदान हॉस्पिटल (रायपुर)
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फर्जी मरीज और कमीशनखोरी
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर इंद्रजीत बर्मन के मुताबिक, आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की जांच और रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच में फर्जी मरीज भर्ती कराने और कमीशनखोरी की गड़बड़ी (CG Ayushman Yojana Fraud) सामने आई है।
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जांच के बाद लिया गया फैसला
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शिकायतों की जांच के बाद जब गड़बड़ी की पुष्टि हुई, तब दोनों अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। बाकी अस्पतालों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।