लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर "चुनाव में मैच-फिक्सिंग" का आरोप लगाया.
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर "चुनाव में मैच-फिक्सिंग" का आरोप लगाया.
![]()
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/09/26/rahul-4-2026-09-26-21-07-52.jpg)
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर "चुनाव में मैच-फिक्सिंग" का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, CEC ने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन से BJP की ओर से चुनाव लड़ने के लिए संपर्क किया था. राहुल गांधी ने एक्स पर कहा, "पहले, ज्ञानेश कुमार- जो उस समय एक कार्यरत IAS अधिकारी थे- का इस्तेमाल BJP के लिए लोगों को भर्ती करने में किया गया.
मंत्री पद की पेशकश भी की
यह टिप्पणी कांग्रेस की केरल इकाई की ओर से X पर पोस्ट करने के बाद आई, जिसमें केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क किया और BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने को कहा, इसके साथ ही मंत्री पद की पेशकश भी की. ऐसी पेशकश करने वाले ज्ञानेश कुमार कौन थे? वे किसके कहने पर बोल रहे थे? और चुनाव आयुक्त 2016 में BJP के लिए राजनीतिक भर्ती में कथित तौर पर क्यों शामिल थे?"
First, Gyanesh Kumar - then a serving IAS officer - was used to recruit for the BJP.
Then Modi and Shah made him the umpire and put him in charge of match-fixing India's elections. https://t.co/hvdhEfoVgg
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 26, 2026
थॉमसन ने किया ये दावा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, थॉमसन ने दावा किया कि 2016 में कुमार ने उनसे संपर्क किया और उन्हें भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का सुझाव दिया. जिजी थॉमसन ने बताया कि CEC के साथ यह कथित बातचीत 2016 में दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में हुई थी, जो उनके रिटायरमेंट के आस-पास का समय था. थॉमसन ने मीडिया को बताया, "उन्होंने (कुमार) मुझसे पूछा कि रिटायरमेंट के बाद मेरी क्या योजनाएं हैं. तो मैंने कहा, नहीं, मेरी कोई खास योजना नहीं है. मैं बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए कोई प्रोग्राम शुरू करने के बारे में सोच रहा हूं . मैंने यही कहा. तो उन्होंने कहा, सबसे अच्छी बात यह है कि आप 2019 में चुनाव लड़ें, भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ें. फिर सांसद बनें, फिर मंत्री बनें." उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिया था. थॉमसन ने बताया कि उस समय ज्ञानेश कुमार सरकारी सेवा में थे और उन्होंने कहा, "सेवा में राजनीतिक दखल की भी एक सीमा होती है."
दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अपनी जानकारी के बिना जारी किए गए फैसलों और आदेशों पर कई बार आपत्ति जताई थी. चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को हालात स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के शेड्यूल से जुड़े सभी फैसले "आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी" से लिए गए थे. EC ने आगे कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजा गया पत्र डेप्युटेशन पर काम कर रहे एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था, न कि चुनाव आयोग के किसी नीतिगत मामले से.
ये भी पढ़ें: SIR विवाद के बीच ममता बनर्जी ने CEC के इस्तीफे की मांग फिर दोहराई, वोटरों के नाम गायब करने का लगाया आरोप
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें