अमृतसर के कोट खालसा निवासी 17-18 वर्षीय हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी की बटाला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद भारी बवाल मच गया। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने कबीर पार्क पुलिस चौकी के बाहर मुख्य सड़क पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और ट्रैफिक
.
परिजनों ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि सोची-समझी हत्या या फर्जी एनकाउंटर है। पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और सीबीआई (CBI) से जांच कराने की मांग उठाई है।
मां का आरोप: धोखे से फंसाकर ली गई जान
मृतक की मां प्रीति ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले उनके बेटे को धोखे से किसी मामले में फंसाया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि वह खुद दूसरों के घरों में काम करके अपने बेटे का पालन-पोषण कर रही थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक सामान्य जीवन जीने वाला लड़का अचानक बटाला जाकर आत्महत्या क्यों करेगा? उनका दावा है कि हरप्रीत के सिर या गर्दन पर गोली मारकर उसकी जान ली गई है और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
चाचा ने पुलिस थ्योरी और गोली लगने की जगह पर उठाए सवाल
मृतक के चाचा किशन सिंह ने बताया कि हैरी बटाला में मेला देखने गया था, लेकिन बाद में सूचना मिली कि उसका शव एक ऑटो-रिक्शा से मिला है। उन्होंने गोली लगने की जगह पर सवाल उठाते हुए कहा कि हैरी की गर्दन के पिछले हिस्से में गोली लगी है, जिससे पुलिस की कहानी पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने मौके से मिले हथियार और पुलिस द्वारा बताए जा रहे घटनाक्रम को भी संदिग्ध करार दिया।
पुलिस का बयान: आपराधिक मामले में नामजद था मृतक
मामले पर एसीपी सुरिंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। एसीपी ने बताया कि हरप्रीत का शव शनिवार को बटाला इलाके में एक थ्री-व्हीलर से बरामद हुआ था और शव के पास एक हथियार भी मिला था। उन्होंने बताया कि मृतक अमृतसर के इस्लामाबाद थाने में दर्ज धारा 386/302 के एक मामले में नामजद था और पुलिस को उसकी तलाश थी। इस मामले का एक अन्य आरोपी आकाशदीप उर्फ अभि पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
आश्वासन के बाद हटा धरना
एसीपी के अनुसार, परिजनों द्वारा दी गई लिखित शिकायत को उच्च अधिकारियों के माध्यम से बटाला पुलिस को भेजा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी जांच और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस प्रशासन की ओर से निष्पक्ष कार्रवाई का लिखित आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने सड़क से धरना समाप्त कर दिया।