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BPSC TRE 4 के पैटर्न में बदलाव, अब देने होंगे दो इम्तिहान; नए कैलेंडर में तारीख का ऐलान नहीं

August 14, 2026

Aug 14, 2026 08:41 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव हुआ है। उम्मीदवारों को अब पीटी और मेन्स दोनों परीक्षाएं देनी होंगी।

Bihar Public Service Comission

BPSC

बिहार में सरकारी नौकरी और खास तौर पर स्कूल टीचर बनने का ख्वाब देखने वाले नौजवानों के लिए एक बेहद अहम खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपने नए और संशोधित परीक्षा कैलेंडर के जरिए उन लाखों उम्मीदवारों की धड़कनें तेज कर दी हैं, जो टीआरई-4 (TRE-4) का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब तक जो अभ्यर्थी यह मानकर चल रहे थे कि पिछली भर्तियों की तरह ही सिर्फ एक परीक्षा देकर वे सीधे स्कूल में अपनी जगह पक्की कर लेंगे, उन्हें अपनी तैयारी का गियर अब पूरी तरह से बदलना होगा। आयोग ने इस बार चयन प्रक्रिया में एक बहुत बड़ा और अहम बदलाव कर दिया है। खास बात है कि हाल ही में जारी कैलेंडर में इस परीक्षा को लेकर किसी भी तरह की संभावित तारीख नहीं बताई गई है कि कब ये परीक्षा होगी।

क्या है परीक्षा पैटर्न में सबसे बड़ा बदलाव?

अगर हम टीआरई-1, 2 और 3 पर नजर डालें, तो वहां मामला बिल्कुल सीधा था। उम्मीदवार एक लिखित परीक्षा में बैठते थे, कटऑफ पार करते थे, मेरिट लिस्ट तैयार होती थी और सीधे नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ जाती थी। यानी अलग से किसी और परीक्षा का कोई झंझट नहीं था। लेकिन अब टीआरई-4 की डगर थोड़ी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण कर दी गई है। अब उम्मीदवारों को दो मजबूत चरणों से गुजरना होगा। सीधे लफ्जों में कहें तो अब पहले प्रीलिम्स (PT) यानी प्रारंभिक परीक्षा होगी। इस स्क्रीनिंग टेस्ट में जो उम्मीदवार सफल होंगे, सिर्फ उन्हें ही मुख्य परीक्षा (Mains) में बैठने का मौका मिलेगा। इस बड़े बदलाव का साफ मतलब है कि आयोग अब और भी ज्यादा काबिल और छने हुए शिक्षकों को स्कूलों में भेजना चाहता है। रट्टा मारने वाले तरीके अब काम नहीं आएंगे, बल्कि कॉन्सेप्ट को गहराई से समझना होगा।

कुल 32,388 पदों पर होगी शिक्षकों की शानदार बहाली

आयोग के नए परीक्षा कैलेंडर पर गौर करें तो इस बार टीआरई-4 के तहत कुल 32,388 पदों पर शिक्षकों की बहाली की जाएगी। शिक्षा विभाग ने पहले ही इसका खाका तैयार करके बीपीएससी को भेज दिया था। अगर हम पदों के बंटवारे की बात करें तो आंकड़े कुछ इस तरह हैं -

  • कक्षा 1 से 5 (प्राइमरी): 3,847 पद
  • कक्षा 6 से 8 (मिडिल): 8,563 पद
  • कक्षा 9 से 10 (माध्यमिक): 3,877 पद
  • कक्षा 11 से 12 (उच्च माध्यमिक): 16,101 पद

परीक्षा की तारीखों को लेकर क्या है अपडेट?

पहले जो कैलेंडर जारी हुआ था, उसमें यह बात सामने आई थी कि टीआरई-4 की लिखित परीक्षा 2026 के सितंबर महीने (22 से 27 सितंबर) के बीच करा ली जाएगी और नवंबर तक नतीजे भी आ जाएंगे। मगर अब चूंकि पैटर्न में पीटी और मेंस का नया प्रावधान जुड़ गया है, तो लाखों उम्मीदवार अब इस भर्ती के फाइनल विज्ञापन के आने की राह देख रहे हैं, ताकि परीक्षा की एकदम सटीक तारीख और सिलेबस की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो सके।

72वीं BPSC प्रीलिम्स की तारीख का भी हुआ ऐलान

सिर्फ शिक्षक भर्ती ही नहीं, बल्कि जो नौजवान प्रशासनिक सेवा में अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए भी खुशखबरी है। बीपीएससी के इसी संशोधित कैलेंडर में 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है। यह प्रारंभिक परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है, जिसके जरिए कुल 1,189 पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।

इसके साथ ही असिस्टेंट एजुकेशन डेवलपमेंट ऑफिसर (AEDO) के 935 पदों को लेकर भी कैलेंडर में जानकारी दी गई है। इस भर्ती में भी प्रीलिम्स और मेंस दोनों होने हैं। हालांकि, इस साल जनवरी में इसका प्रीलिम्स हुआ भी था, लेकिन पेपर लीक जैसी बदकिस्मती के चलते इसे रद्द करना पड़ा था। फिलहाल, नए रिवाइज्ड कैलेंडर में आयोग ने इसकी कोई नई तारीख का जिक्र नहीं किया है।

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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