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BJP ने नरोत्तम मिश्रा को मनाया, संभालेंगे दतिया उपचुनाव की कमान; कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार

July 11, 2026

BJP ने नरोत्तम मिश्रा को मनाया, संभालेंगे दतिया उपचुनाव की कमान; कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार

नरोत्तम, घनश्याम और आशुतोष.

दतिया विधानसभा उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुट गई है. शनिवार को मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महासचिव अजय जामवाल से मुलाकात की. यह मुलाकात दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी द्वारा उन्हें टिकट देने से इनकार करने के एक दिन बाद हुई. मुख्यमंत्री के घर पर यह मुलाकात विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने के बीजेपी के फैसले के बाद दतिया में विरोध प्रदर्शन के बीच हुई है.

दूसरी ओर, नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि दतिया चुनाव नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों में आवेश में आकर इस्तीफे दिए है, ऐसी जानकारी मुझे मिली है, लेकिन किसी का भी इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है.

बता दें कि नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने से नाराज दतिया के भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पद से सामूहिक इस्तीफा दे दिया था और शुक्रवार शाम से लेकर शनिवार सुबह तक प्रदर्शन किया था.

घनश्याम सिंह को कांग्रेस ने बनाया उम्मीदवार

दूसरी ओर, कांग्रेस ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घनश्याम सिंह की उम्मीदवारी को मंजूरी दी है. घनश्याम सिंह पूर्व विधायक रह चुके हैं. भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है. इस तरह से दतिया में अब आशुतोष तिवारी और घनश्याम सिंह के बीच मुकाबला होगा.

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वहीं, मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह आशुतोष तिवारी के नॉमिनेशन के लिए दतिया जाएंगे. उन्होंने कहा कि हमारी अच्छी बातचीत हुई. हमने दतिया जिताने के बारे में बात की; हम दतिया जीत रहे हैं, और हम जीतेंगे. मैंने उनसे (समर्थकों से) पहले ही कह दिया है कि वे सब्र और शांति दिखाएं, और धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा. मैं नॉमिनेशन का हिस्सा रहूंगा.”

#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh: On the by-election of Datia Assembly Constituency in Madhya Pradesh, State President Hemant Khandelwal says, “The BJP has declared Ashutosh Tiwari as its official candidate for the election. I have come to know that some party workers have pic.twitter.com/WbH2zPyIGT

— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) July 11, 2026

दूसरी ओर, दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “BJP ने आशुतोष तिवारी को चुनाव के लिए अपना ऑफिशियल उम्मीदवार घोषित किया है, मुझे पता चला है कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने अपना इस्तीफा दे दिया है. हालांकि मुझे कोई इस्तीफा नहीं मिला है, लेकिन हमारी पार्टी लीडरशिप ने तय किया है कि सभी पार्टी कार्यकर्ता अपने काम में लगे रहें. इसलिए, हमने कोई इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है. नरोत्तम मिश्रा हमारे वरिष्ठ नेता हैं; उनके गाइडेंस में हम दतिया चुनाव लड़ेंगे और भारी जीत हासिल करेंगे.”

नरोत्तम को टिकट नहीं देने पर प्रदर्शन

बता दें कि दतिया में टिकट की घोषणा के बाद दतिया में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे. जहां नरोत्तम मिश्रा के हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए, पुलिस से भिड़ गए और लगभग 12 घंटे तक नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया. दतिया में हिंसा भड़की.

नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देने के भाजपा के फैसले के बाद शुक्रवार को दतिया में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. अधिकारियों के मुताबिक, 3,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने NH-44 को ब्लॉक कर दिया, जिससे लगभग 12 घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा. यह आंदोलन हिंसक हो गया, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक और कई अन्य पुलिस कर्मी घायल हो गए. हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा ने चुप्पी तोड़ी और अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की. इसके साथ ही भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया कि दतिया में उम्मीदवार नहीं बदला जाएगा. पार्टी ने काफी सोच समझ कर यह फैसला लिया है.

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शुभम गुप्ता

शुभम गुप्ता

शुभम गुप्ता को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक से अधिक का अनुभव है. शुभम ने आरजीपीवी यूनिवर्सिटी से IT में इंजीनियरिंग की. इसके बाद ITMI से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म सर्टिफिकेशन प्राप्त किया. उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली में “आज तक” से बतौर संवाददाता की, जहां आदर्श ग्राम योजना, नोटबंदी और मुद्रा योजना जैसी कई अहम रिपोर्ट्स ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. दिल्ली में लगभग पांच साल काम करने के बाद शुभम ने अपने गृहप्रदेश मध्यप्रदेश का रुख किया और न्यूज़ नेशन से जुड़े. यहां उनकी कई खबरों ने व्यापक असर डाला, जैसे कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा घोटाले को उजागर करने के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी. साल 2020 में मध्यप्रदेश की राजनीति के ऐतिहासिक घटनाक्रम, कमलनाथ सरकार के पतन, को उन्होंने बेहद बारीकी से कवर किया. कोरोना काल में उन्होंने जान जोखिम में डालकर व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया, जिसके बाद सरकार को कई महत्वपूर्ण फैसले लेने पड़े. साल 2023 में शुभम गुप्ता नई भूमिका में TV9 भारतवर्ष के एमपी-सीजी ब्यूरो प्रमुख बने. यहां भी उन्होंने कई बड़े घोटाले उजागर किए, जैसे- बर्तन घोटाला, सर्पदंश घोटाला, धान घोटाला और डामर घोटाला. उनकी रिपोर्टिंग के बाद मुफ्त शव वाहन योजना को तत्काल प्रभाव से शुरू करना पड़ा. मुख्यमंत्री ने महज़ 9 घंटे में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

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