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Bihar News : PMCH में अब टोकन के बिना नहीं कटेगी OPD की पर्ची, मरीजों को दवा के लिए मिलेंगे 13 काउंटर

October 14, 2026

Bihar News :  पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों के लिए ओपीडी की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। अब मरीजों को ओपीडी की पर्ची कटवाने से पहले टोकन लेना होगा। टोकन मिलने के बाद ही पर्ची जारी की जाएगी। अस्पताल में मरीजों की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके साथ ही मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 13 काउंटर की सुविधा भी चर्चा में है, जिससे दवा वितरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

PMCH में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। इनमें पटना के अलावा बिहार के अलग-अलग जिलों से आने वाले मरीज भी शामिल होते हैं। सुबह से ही ओपीडी के बाहर मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ जुटने लगती है। कई बार पर्ची कटवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। भीड़ अधिक होने पर बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर परेशानी से जूझ रहे मरीजों को भी इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में टोकन आधारित व्यवस्था से मरीजों को कतार में अपनी बारी का इंतजार करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत मरीजों को सबसे पहले टोकन प्राप्त करना होगा। इसके बाद टोकन के क्रम के अनुसार ओपीडी की पर्ची जारी की जाएगी। इससे रजिस्ट्रेशन काउंटर पर अनियंत्रित भीड़ को कम करने और मरीजों को क्रमवार सेवा देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, व्यवस्था किस तारीख से पूरी तरह लागू होगी और टोकन लेने के लिए कितने केंद्र बनाए जाएंगे, इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन की ओर से स्पष्ट होने पर ही मरीजों को पूरी प्रक्रिया का पता चल सकेगा।

अस्पताल में केवल पर्ची कटवाना ही मरीजों के लिए चुनौती नहीं है। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद दवा प्राप्त करने के लिए भी कई बार इंतजार करना पड़ता है। मरीजों को दवा वितरण केंद्रों पर भीड़ का सामना करना पड़ता है। खासकर दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों के लिए अस्पताल में ज्यादा समय बिताना परेशानी का कारण बन जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए दवा वितरण के लिए 13 काउंटर की व्यवस्था मरीजों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दवा के लिए अधिक काउंटर उपलब्ध होने से मरीजों की भीड़ को अलग-अलग जगहों पर बांटने में मदद मिल सकती है। इससे दवा लेने की प्रक्रिया तेज होने और लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मरीजों को कितनी दवाएं मुफ्त मिलेंगी, कौन-कौन सी दवाएं उपलब्ध रहेंगी और सभी काउंटरों के संचालन का समय क्या होगा, इस संबंध में अस्पताल की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी ही अंतिम मानी जाएगी।

PMCH में मरीजों की संख्या को देखते हुए रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों से परामर्श और दवा वितरण की व्यवस्था को बेहतर बनाना जरूरी है। यदि टोकन प्रणाली सही तरीके से संचालित होती है और दवा के 13 काउंटर नियमित रूप से काम करते हैं, तो मरीजों को अस्पताल में होने वाली अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल सकती है। इसके लिए काउंटरों पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती, टोकन की स्पष्ट जानकारी और जरूरतमंद मरीजों के लिए उचित सहायता भी जरूरी होगी।

मरीजों के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें टोकन कहां से लेना है, पर्ची किस काउंटर पर कटेगी और दवाएं कहां से मिलेंगी, इसकी जानकारी आसानी से मिल सके। व्यवस्था का लाभ तभी पूरी तरह मिलेगा, जब मरीजों को सही दिशा-निर्देश मिलें और उन्हें एक प्रक्रिया पूरी करने के लिए बार-बार अलग-अलग काउंटरों के चक्कर न लगाने पड़ें।