पटना: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-15/26, दिनांक 29 जुलाई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(a) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अरविन्द कुमार चौधरी वर्तमान में लघु सिंचाई प्रमंडल, सासाराम (रोहतास) में कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापित हैं। जांच में प्रथम दृष्टया उनके द्वारा ज्ञात आय से करीब 85.05 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
2014 में हुई थी नियुक्ति
EOU के अनुसार, अरविन्द कुमार चौधरी की नियुक्ति मार्च 2014 में सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर हुई थी। इसके बाद वे औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, नवादा, किशनगंज, पटना सहित कई जिलों में पदस्थापित रहे।
छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद EOU की टीम ने पुलिस उपाधीक्षकों के नेतृत्व में उनके कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 30 जुलाई 2026 को देर शाम तक जारी रही।
छापेमारी जिन स्थानों पर की गई, उनमें शामिल हैं:
वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट, आदमपुर, दानापुर (फ्लैट नं. 405)
वीनस इम्पायर, आशोपुर, दानापुर (फ्लैट नं. 1301)
मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल
सासाराम स्थित कार्यपालक अभियंता कार्यालय
डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास
बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र स्थित पैतृक आवास
दानापुर में दो आलीशान फ्लैट
जांच एजेंसी के अनुसार, अभियुक्त ने सेवाकाल के दौरान दानापुर स्थित वीनस पैराडाइज और वीनस इम्पायर में दो फ्लैट खरीदे हैं। दोनों फ्लैट भव्य और आलीशान बताए गए हैं। EOU ने इन फ्लैटों की साज-सज्जा पर हुए खर्च का भी मूल्यांकन कराने का निर्णय लिया है।
9 लाख रुपये नकद और 500 ग्राम सोना बरामद
छापेमारी के दौरान दानापुर, मुजफ्फरपुर और डेहरी ऑन सोन स्थित परिसरों से करीब 9 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 500 ग्राम सोने के आभूषण, फोर्ड इकोस्पोर्ट कार और एक मोटरसाइकिल से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं।
निवेश और बैंक खातों के दस्तावेज जब्त
EOU को फ्लैट, जमीन और विभिन्न निवेश योजनाओं से संबंधित बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और अन्य बीमा कंपनियों की कई पॉलिसियों के कागजात भी जब्त किए गए हैं, जिनमें निवेश की राशि की जांच की जाएगी।
21 बैंक पासबुक, FD और बैंक लॉकर का पता चला
जांच में अभियुक्त और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों के 21 बैंक पासबुक और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं। बैंक खातों और FD में करीब 25 लाख रुपये जमा पाए गए हैं, जिन्हें फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है।
EOU ने बताया कि बच्चों की शिक्षा पर हुए खर्च और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। जब्त दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई गई है। साथ ही इस मामले की जानकारी लघु जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार को भी भेजी जा रही है।
