मधुबनी पुलिस, साइबर और महिला पुलिस स्टेशनों की संयुक्त कार्रवाई, स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से, 14/15 सितंबर को कई थानों में छापेमारी का नेतृत्व किया। किशोर न्याय अधिनियम, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम और POCSO अधिनियम के तहत 15 संदिग्धों को गिरफ्तार कर, 40 नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा से बचाया गया। जांच जारी है।
By Oneindia Staff
Published: Tuesday, September 15, 2026, 22:32 [IST]
ऑर्केस्ट्रा के नाम पर नाबालिग बालिकाओं के शोषण और उन्हें अवैध रूप से काम कराने की सूचना पर मधुबनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 14 और 15 सितंबर की रात एक साथ विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान 40 नाबालिग बालिकाओं का रेस्क्यू किया गया, जबकि ऑर्केस्ट्रा संचालकों समेत 12 पुरुष और 3 महिला कर्मियों को गिरफ्तार किया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), बिहार, पटना और मिशन मुक्ति फाउंडेशन (NGO) के निर्देश के आलोक में यह कार्रवाई की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक, मधुबनी के आदेश पर पुलिस उपाधीक्षक, साइबर थाना के नेतृत्व में संबंधित थानों, महिला थाना, मानवाधिकार संस्था और चाइल्डलाइन टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। संयुक्त टीम ने 14/15 सितंबर की रात जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित ऑर्केस्ट्रा में छापेमारी की।
40 नाबालिग बालिकाओं का रेस्क्यू
अभियान के दौरान बासोपट्टी, अरेर, बेनीपट्टी, खजौली और लौकहा थाना क्षेत्रों समेत विभिन्न स्थानों पर संचालित ऑर्केस्ट्रा से कुल 40 नाबालिग बालिकाओं को रेस्क्यू किया गया। सभी बालिकाओं को विधिवत महिला थाना, मधुबनी लाया गया। प्रथम दृष्टया नाबालिग बालिकाओं को ऑर्केस्ट्रा में काम कराने के मामले में ऑर्केस्ट्रा संचालक समेत कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विभिन्न धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ महिला थाना में कांड संख्या 64/26, दिनांक 15 सितंबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों पर BNS की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ Juvenile Justice Act, Bonded Labour (Abolition) Act और POCSO Act की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार पुरुष आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि महिला आरोपियों के संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। रेस्क्यू की गई सभी नाबालिग बालिकाओं की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के साथ अन्य राज्यों के लोग भी शामिल
पुलिस की ओर से जारी विवरण के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, सिवान समेत बिहार के अन्य जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से जुड़े लोग भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में इरफान आलम, राहुल सिंह, नंदलाल प्रसाद, अजय कुमार, श्याम कुमार यादव, समरशिल, आयुष शर्मा, देवचंद्र परनामी, परमेश्वर राम, संतन कुमार दास, काशीनाथ मंडल और नंदकिशोर यादव शामिल हैं। इनके अलावा 3 महिला आरोपियों की भी गिरफ्तारी की गई है।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
छापेमारी टीम में अपर पुलिस अधीक्षक रश्मि कुमारी, पुलिस उपाधीक्षक साइबर थाना अकुर कुमार, AHTU प्रभारी सुनील कुमार, CCTNS प्रभारी अमित कुमार, नगर थाना के पर्यवेक्षी पदाधिकारी शमशाद आलम, महिला थाना अध्यक्ष रीना भारती और महिला थाना की रंजू कुमारी समेत पुलिस केंद्र के पदाधिकारी एवं जवान शामिल रहे।
बालिकाओं के शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
मधुबनी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग बच्चों और बालिकाओं को किसी भी प्रकार के शोषण, अवैध रोजगार अथवा मानव तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि नाबालिगों के शोषण अथवा अवैध रूप से काम कराने से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें।