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Bihar News: बिहार के बाढ़ प्रभावित किसानों को मिलेगा फसल क्षति अनुदान, 25 अक्टूबर तक करें आवेदन

October 23, 2026

बिहार सरकार ने नौ जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी शुरू की है, जो 8,500 रुपये से 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की दरें प्रदान करती है, जिसमें अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा है। पात्र किसानों को 25 अक्टूबर 2026 तक डीबीटी कृषि पोर्टल या कृषि विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

By Oneindia Staff

Time Published: Saturday, October 24, 2026, 0:31 [IST]

पटना, 23 अक्टूबर 2026: बिहार में बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण आई बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कृषि विभाग ने ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का लाभ राज्य के 9 जिलों के 43 प्रखंडों की 289 चिह्नित पंचायतों के पात्र किसानों को मिलेगा। किसान 25 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

Bihar flood relief subsidy aids farmers 2026

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई कर प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। कृषि इनपुट अनुदान योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे फसल क्षति से उत्पन्न कठिनाइयों से उबर सकें और आगामी कृषि कार्यों को जारी रख सकें। उन्होंने पात्र किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की।

कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत फसल क्षति के लिए अलग-अलग दरों पर सहायता राशि निर्धारित की गई है। अनुदान की दरें इस प्रकार हैं:

* असिंचित क्षेत्र: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर।
* सिंचित क्षेत्र: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।
* शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलें: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर। इसमें गन्ने की फसल भी शामिल है।

योजना के तहत अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अनुदान दिया जाएगा। वहीं, न्यूनतम सहायता राशि असिंचित क्षेत्र के लिए 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और शाश्वत एवं बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये निर्धारित की गई है।

बिहार के इन 9 जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन

कृषि मंत्री के अनुसार, दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना जिले की चिह्नित पंचायतों के पात्र बाढ़ प्रभावित किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रभावित प्रखंडों और पंचायतों की सूची डीबीटी कृषि पोर्टल पर उपलब्ध है। आवेदन करने से पहले किसानों को अपने क्षेत्र की पात्रता की जांच कर लेनी चाहिए।

रैयत और गैर-रैयत किसानों के लिए जरूरी दस्तावेज

कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ पात्र पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत किसानों को दिया जाएगा। आवेदन के दौरान आधार सत्यापन के साथ किसान परिवार का विवरण देना अनिवार्य है। किसान परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे शामिल होंगे। परिवार के विवरण में अनियमितता पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।

रैयत किसानों के लिए: अद्यतन भूमि कब्जा प्रमाणपत्र (LPC) या वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 अथवा 2025-26 की एलपीसी या लगान रसीद प्रस्तुत करनी होगी। गैर-रैयत किसानों के लिए: वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच और कृषि समन्वयक से प्रमाणित स्वघोषणा प्रमाणपत्र देना होगा। इसका निर्धारित प्रारूप डीबीटी कृषि पोर्टल पर उपलब्ध है। इसके अलावा, आवेदन के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या अनिवार्य है।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

बाढ़ प्रभावित किसान कृषि इनपुट अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया के लिए नीचे दिए गए पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

* कृषि विभाग की वेबसाइट: https://state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.
* डीबीटी कृषि पोर्टल: https://dbtagriculture.bihar.gov.in
* किसान कॉल सेंटर टोल फ्री नंबर: 18001801551

योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए किसान किसान कॉल सेंटर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

किसानों की आर्थिक सुरक्षा पर सरकार का जोर

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसान कल्याण, आत्मनिर्भर भारत और समृद्ध कृषि के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान उपलब्ध कराना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सरकार का उद्देश्य फसल क्षति झेलने वाले किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना, उन्हें दोबारा कृषि कार्य शुरू करने में सक्षम बनाना और कृषि उत्पादन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। कृषि विभाग ने पात्र किसानों से अपील की है कि वे 25 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि से पहले आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें, ताकि योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सहायता का लाभ प्राप्त कर सकें।

मुख्य बातें

* बिहार के 9 जिलों की 289 पंचायतों के बाढ़ प्रभावित किसानों को मिलेगा अनुदान।
* 43 प्रखंडों के पात्र किसान योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
* आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 है।
* फसल के प्रकार के अनुसार 8,500 से 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान निर्धारित है।
* अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सहायता मिलेगी।
* आवेदन के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या जरूरी है।
* किसान डीबीटी कृषि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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