Bhopal Vidisha Four Lane: भोपाल-विदिशा फोर लेन रोड 1758 करोड़ की लागत से बनेगा। 11 अगस्त, मंगलवार को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में ये प्रस्ताव सहमति के लिए रखा जाएगा।
भोपाल, रायसेन, विदिशा को जोड़ने वाली मुख्य रोड
भोपाल-विदिशा फोर लेन हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनाया जाएगा, जिसकी लागत 1,757 करोड़ 55 लाख है। इसके तहत 44.83 किलोमीटर लंबी 2 लेन रोड को 4 लेन में अपग्रेड किया जाएगा। कैबिनेट मीटिंग में प्रस्ताव पास होने पर प्रोजेक्ट में तेजी आएगी। ये रोड भोपाल के अयोध्या बायपास के भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए NH-146 के सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। ये भोपाल, रायसेन और विदिशा जिलों को जोड़ने वाली मुख्य रोड है।
सीएम मोहन यादव बोले- हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का नया युग
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश मेट्रोपोलिटन विकास, आधुनिक अधोसंरचना और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश कर रहा है। भोपाल और उज्जैन-इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों की अधिसूचना प्रदेश के सुनियोजित शहरी और क्षेत्रीय विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। राज्य सरकार इन मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों से जुड़े शहरों, कस्बों, औद्योगिक क्षेत्रों, धार्मिक और पर्यटन स्थलों, आर्थिक केंद्रों को आधुनिक, सुरक्षित और निर्बाध सड़क नेटवर्क से जोड़ने की व्यापक कार्य योजना पर तेजी से काम कर रही है।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/08/11/cm-mohan-yadav-11-august-2026-08-11-02-34-44.jpeg)
रोजगार के नए अवसर मिलेंगे
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मेट्रोपोलिटन विकास का अर्थ केवल बड़े नगरों की सीमाओं का विस्तार नहीं, बल्कि आसपास के छोटे शहरों, नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इन क्षेत्रों में बेहतर सड़कें, सुगम सार्वजनिक परिवहन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए वर्तमान सड़कों का उन्नयन करने के साथ एक्सप्रेस-वे, ग्रीनफील्ड मार्ग, रिंग रोड, बायपास और हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं।
भोपाल और उज्जैन-इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों के बीच आधुनिक और निर्बाध संपर्क स्थापित होने से प्रदेश में विकास का एक सशक्त त्रिकोण तैयार होगा। उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता, इंदौर की औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षमता और भोपाल की प्रशासनिक, शैक्षणिक और संस्थागत शक्ति परस्पर जुड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई प्रदान करेगी। यह मेट्रोपोलिटन क्षेत्र आने वाले समय में निवेश, उद्योग, व्यापार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेंगे।
ये खबर भी पढ़ें: मध्यप्रदेश बीजेपी की सहकारिता प्रकोष्ठ की कोर टीम का ऐलान, जानें किस-किसको मिली जगह, देखें पूरी लिस्ट
प्रोजेक्ट में हैं ये तीन अहम बायपास
परियोजना में कुल 8.25 किलोमीटर लंबाई के तीन बायपास, 1.80 किलोमीटर लंबा सूखी सेवनिया बायपास, 1.35 किलोमीटर लंबा बेरखेड़ी बायपास, 5.10 किलोमीटर लंबा सलामतपुर बायपास प्रस्तावित हैं। इन बायपासों के निर्माण से आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम होगा, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और स्थानीय नागरिकों का आवागमन अधिक सुरक्षित होगा। ये मार्ग भोपाल-कानपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में भी कार्य करेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भोपाल-विदिशा मार्ग यातायात के साथ धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसके आसपास विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप, संग्रहालय, अशोक स्तंभ, उदयगिरि की गुफाएं और अनेक पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं। यह मार्ग लगभग 24.550 किलोमीटर पर कर्क रेखा से भी गुजरता है, जिससे इसका विशेष भौगोलिक महत्व है। बेहतर सड़क संपर्क से भोपाल से विदिशा और सांची तक की यात्रा अधिक सुगम होगी और कम समय में पूरी की जा सकेगी।
इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रायसेन, सांची और विदिशा को बायपास करते हुए बनाए जा रहे नवीन 4-लेन मार्ग से जुड़कर यह परियोजना भोपाल, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना सहित उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।
सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबर: भारी बारिश की वजह से भोपाल में 11 अगस्त को स्कूलों की छुट्टी, जिला प्रशासन ने जारी किया आदेश
इन प्रोजेक्ट पर भी चल रहा काम
सीएम मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन-इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से इंदौर-उज्जैन 6-लेन मार्ग, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड 4-लेन मार्ग, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड 4-लेन मार्ग, उज्जैन-मक्सी 4-लेन चौड़ीकरण, उज्जैन सिंहस्थ बायपास, हरिफाटक ब्रिज का चौड़ीकरण, इंदौर-उज्जैन 6-लेन परियोजनाएं शामिल हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इंदौर आउटर रिंग रोड विकसित किया जा रहा है। उज्जैन-नागदा 4-लेन मार्ग का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि उज्जैन-झालावाड़ 4-लेन मार्ग की स्वीकृति भारत सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। उज्जैन-जावरा मार्ग के माध्यम से उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे उज्जैन को देश के प्रमुख औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक कॉरिडोर से सीधा संपर्क मिलेगा।